पर्यटन उद्योग के लिए संकट प्रबंधन ज़रूरी : प्रो. बंसल

हिम न्यूज़ धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. सत प्रकाश प्रकाश बंसल ने बतौर मुख्‍य अतिथि संकट प्रबंधन और पर्यटन विषय पर सेंट मैरी डे चावग्नेस इंस्टिट्यूट, कान्स, यूरोप (फ्रांस) में आयोजित 14वीं इंटरनेशनल टूरिज्म कांफ्रेंस में अपने विचार रखते हुए कहा कि एक वैश्वीकृत दुनिया जो लगातार बदल रही है और जिसमें संकट लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, उन्हें प्रबंधित करना प्रभावी संकट प्रबंधन का हिस्सा है।

संकट प्रबंधन, पर्यटन उद्योग को पूर्वानुमानित और गैर-अनुमानित संकट के शुरुआती प्रतीकों को समझने और उसके अनुसार योजना बनाने में सक्षम बनाता है। संकट के समय गलत सूचना और अफवाहें स्थिति को बदतर बना सकती हैं जिससे निपटने के लिए एक टीम जो सोशल मीडिया और मीडिया संदेशों के अनुसार प्रतिउत्तर तैयार कर सके को सदैव तैयार रहने कि ज़रुरत होती है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग कई देशों के लिए आर्थिक और सामाजिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण उद्योगों में से एक है, साथ ही, पर्यटन उद्योग नकारात्मक घटनाओं के प्रति सबसे संवेदनशील उद्योग भी है। कोविड-19 के कारण उत्पन्न महामारी ने दुनिया भर के कई अन्य आर्थिक क्षेत्रों के अलावा पर्यटन उद्योग को भी बहुत प्रभावित किया है।

पर्यटन में संकट प्रबंधन की योजना तैयार करने को लेकर उन्होंने 4 आर– रिडक्शन, रेडीनेस, रिस्पांस और रिकवरी के बारे में बताते हुए कहा कि भूगोल और राजनीतिक मामलों के बारे में जागरूकता, संकट प्रबंधन योजना, स्वास्थ्य और सुरक्षा उपाय, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, परिवार और स्थानीय लोगों के साथ संचार, व्यापार निरंतरता योजना और मानव संसाधन योजना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि पूर्व में हुई दुर्घटनाओ का अध्ययन और वर्तमान मामलों के बारे में जागरूकता भी रिस्क को कम करने में सहायक है।  प्रो. बंसल ने बीते दिनों हिमाचल में प्राकृतिक आपदा के बारे में बताते हुए कहा कि हिमाचल में भारी बारिश से हुए भूस्‍खलन के कारण जान माल का काफी नुकसान हुआ है और मीडिया में आई खबरों और सोशल मीडिया में वायरल विडियो के कारण हिमाचल की ओर रुख करने वाले पर्यटकों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है और इससे उबरने में काफी समय लग जाएगा।

पर्यटन की दृष्टि से हिमाचल एक अग्रणी राज्य है और यहाँ के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों कुल्लू और शिमला में भारी बारिश से पर्यटन कारोबार को काफी क्षति पहुंची है ऐसे में संकट प्रबंधन योजना और रिस्क का पूर्व आंकलन पर्यटन उद्योग के लिए मददगार साबित हो सकता है, इस विषय को विस्तार से बताते हुए उन्‍होंने जोखिम का पूर्वानुमान और विश्लेषण कैसे किया जाए और संकट से बचने के क्या उपाय किये जा सकते हैं पर मानदंडों को साझा किया।

इस अवसर पर प्रो. बंसल ने भारत की मेजबानी में आयोजित जी20 के मुद्दों पर भी चर्चा के साथ ही भारत और फ्रांस के बीच शिक्षा और पर्यटन को लेकर भी चर्चा की और इसमें हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय कैसे अग्रणी भूमिका निभा सकता है इस बात पर भी बल दिया। इस अवसर पर संस्थान सेंट मैरी डे चावग्नेस के महानिदेशक डॉ क्रिस्टोफ मार्टिन बतौर की नोट स्पीकर उपस्थित रहे।