सुक्खू मुख्यमंत्री नहीं, ‘झूठमंत्री’ की तरह कर रहे हैं काम, गिरा रहे हैं पद की गरिमा : जयराम ठाकुर

हिम न्यूज़ शिमला। भाजपा विधायक दल ने भोजनावकाश के बाद विधानसभा अध्यक्ष के चैंबर में जाकर मुख्यमंत्री द्वारा बार-बार झूठ बोलने और राष्ट्रगान के अपमान के झूठे आरोप के मामले में विशेषाधिकार हनन का नोटिस देकर कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा कि सुखविंद्र सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री की तरह नहीं, झूठमंत्री की तरह काम कर रहे हैं। वह झूठ बोलने में हिचकते ही नहीं हैं। न एक बार यह सोचते हैं कि उनका झूठ पकड़ा भी जाएगा। उन्हें अपने पद की गरिमा का भी ध्यान नहीं है। वह विपक्ष को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान को लेकर उन्होंने सदन में झूठ बोला, उनके मंत्रियों ने झूठ बोला, प्रदेश भर में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को गुमराह करके प्रदर्शन भी करवाया। अब उनका झूठ बेनकाब हो गया है। फिर भी उनके मंत्री कुतर्क कर रहे हैं। अब मुख्यमंत्री के पास अपने बचाव के लिए कुछ रह नहीं गया है। सदन में वह बार-बार बेनकाब हो चुके हैं। उनका झूठ पकड़ा जा चुका है, लेकिन विदेश तक झूठ बोलने का परचम फहरा चुके हैं। अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं। उन्हें अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।

जयराम ठाकुर ने कहा कि पाँच लाख नौकरी देने की गारंटी देकर सत्ता में आए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू आज कह रहे हैं कि वह नौकरी नहीं दे सकते हैं। आउटसोर्स के नाम पर उन्होंने दस हज़ार से ज़्यादा लोगों को नौकरी से निकाल दिया। इसके बाद आउटसोर्स पर भर्ती के लिए अपने मित्रमंडल की रातों-रात कंपनियाँ बनवाईं। उन्हें आउटसोर्सिंग का ठेका दे दिया। प्रदेश में पहली बार आउटसोर्स पर नौकरी देने के लिए भी लोगों से मोटी रकम वसूली गई। इतनी लूट और अराजकता को सत्ता का संरक्षण बेहद शर्मनाक है।

अपने मित्रों की आउटसोर्स कंपनियों पर मेहरबानी दिखाने के लिए माननीय उच्च न्यायालय ने भी सवाल उठाए हैं। 8 अगस्त को माननीय उच्च न्यायालय ने एक कंपनी को चयनित करने और दूसरी कंपनी को ख़ारिज करने के कारण पूछे तो सरकार के पास कोई जवाब नहीं था। यह सरकार ईमानदारी से आउटसोर्स पर नौकरी देने वाली कंपनियों का चयन भी नहीं कर सकती, इसलिए इस सरकार से ईमानदारी की उम्मीद करना बेईमानी है।

पालमपुर में इलाज के अभाव में हुई मौत के लिए सीएम और सरकार ज़िम्मेदार

जयराम ठाकुर ने कहा कि कल ही मीडिया के माध्यम से पालमपुर के चुधरेहड़ निवासी रमेश चंद्र की इलाज के अभाव में मौत का मामला दिल दहला देने वाला है। वह वीडियो देखकर मन बहुत व्यथित है। हमारे प्रदेश के लोगों की जान से बढ़कर कुछ नहीं है, लेकिन सिर्फ़ डेढ़ लाख रुपये के कारण उनकी जान गई और परिवार बेसहारा हो गया। रमेश चंद्र को दिल का दौरा पड़ा था। उन्हें तत्काल इलाज की आवश्यकता थी, लेकिन निजी अस्पताल में हिमकेयर बंद होने के कारण उन्हें स्टेंट नहीं लग पाया और टांडा अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी। जब हिमकेयर से इलाज होता था तो ऐसा कभी नहीं होता था। मरीज का बिना किसी खर्च के तत्काल इलाज होता था और हज़ारों लोगों की जान बचती थी।

उन्होंने कहा जी यह मौत दुःखद है। इसके लिए मुख्यमंत्री और उनकी सरकार ज़िम्मेदार है। जिस साज़िश के तहत उन्होंने हिमकेयर को बदनाम कर बंद किया है, वह बहुत दुःखद है। सुक्खू सरकार ने जिस योजना ने लाखों लोगों को जीवन दिया, उसी योजना को बंद करके लोगों की जान ले ली। प्रदेश के लोग उन्हें कभी माफ़ नहीं करेंगे।