चार महीने से बंद ततापानी-सलापड़ सड़क, वैकल्पिक मार्ग पर तुरंत बस चलाए सरकार : राकेश जमवाल

हिम न्यूज़ शिमला। भाजपा विधायक राकेश जमवाल ने विधानसभा के मानसून सत्र में नियम-62 के तहत ततापानी-सलापड़ सड़क के बाली-कैंची के पास भूस्खलन के कारण पिछले चार महीने से बंद पड़े मार्ग का मुद्दा उठाते हुए सरकार से मुख्य सड़क को शीघ्र बहाल करने और तब तक वैकल्पिक मार्ग पर तुरंत नियमित बस सेवा शुरू करने की मांग की।

राकेश जमवाल ने कहा कि ततापानी-सलापड़ सड़क सुंदरनगर ही नहीं, बल्कि शिमला ग्रामीण, सुन्नी, रामपुर, आनी और किन्नौर को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। इस सड़क के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से सीआरएफ के तहत 219.43 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं और सड़क को डबल लेन बनाने का कार्य जारी है।

उन्होंने कहा कि बाली-कैंची के पास भूस्खलन से सड़क का हिस्सा करीब चार महीने से पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। इससे धन्यारा, हाड़ाबोई और सोझा पंचायतों सहित आसपास के हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों को कॉलेज और आईटीआई पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है, जबकि मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी भारी परेशानी हो रही है।

राकेश जमवाल ने कहा कि उन्होंने स्वयं लोक निर्माण विभाग और प्रशासन के अधिकारियों से कई बार इस समस्या को उठाया है। स्थानीय प्रतिनिधिमंडल भी विभाग के अधिकारियों से मिल चुके हैं। इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ। स्थानीय लोग अपनी जेसीबी लगाकर अस्थायी व्यवस्था करने को मजबूर हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से भी उचित नहीं है।

चनीकर-हाड़ाबोई वैकल्पिक सड़क पास, फिटनेस भी पूरी फिर बस सेवा क्यों नहीं?

राकेश जमवाल ने कहा कि मुख्य सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से के कारण चनीकर-हाड़ाबोई वैकल्पिक सड़क को बहाल किया गया है। 28 जुलाई 2026 को संयुक्त फिटनेस समिति ने भी इस मार्ग को बसों एवं बड़े वाहनों के आवागमन के लिए उपयुक्त घोषित कर दिया है। इसके बावजूद इस वैकल्पिक मार्ग से नियमित बस सेवा शुरू नहीं की गई है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि यदि विभागीय स्तर पर सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं तो किसी उद्घाटन या अन्य औपचारिकता का इंतजार न किया जाए। मुख्यमंत्री शिमला से ही आदेश जारी करें और वैकल्पिक मार्ग पर तुरंत बस चलवाई जाए, ताकि क्षेत्र की हजारों जनता को राहत मिल सके।

उन्होंने कहा कि वैकल्पिक मार्ग से लोगों को करीब पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, लेकिन यह दूरी जनता के लिए स्वीकार्य है, क्योंकि इससे कम से कम बस और आवश्यक यातायात सुविधा बहाल हो सकती है।

मुख्य सड़क की बहाली में भी तेजी लाए सरकार

राकेश जमवाल ने सरकार से मांग की कि भूस्खलन प्रभावित मुख्य सड़क की तकनीकी एवं भू-वैज्ञानिक परिस्थितियों को देखते हुए स्थायी समाधान के लिए वैकल्पिक मार्ग और बाईपास के कार्य को भी प्राथमिकता दी जाए। एफसीए की मंजूरी के बाद जहां निर्माण कार्य संभव है, वहां तेजी से काम कराया जाए।

उन्होंने कहा कि यह सड़क केवल एक विधानसभा क्षेत्र की सड़क नहीं है। इसके पूरी तरह तैयार होने से शिमला क्षेत्र को बिलासपुर, सुंदरनगर और आगे चंडीगढ़ की ओर बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा सामरिक दृष्टि से भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है।

राकेश जमवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस महत्वपूर्ण सड़क के लिए बड़ी राशि उपलब्ध कराई है। अब प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है कि जनता को इसका लाभ समय पर मिले। सरकार रिपोर्टों और आश्वासनों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर सड़क और वैकल्पिक मार्ग की बस सेवा बहाल करके जनता को राहत दे।