नर्सिंग संस्थान कनेरी मामला कांग्रेस शासन की पोल : विपिन परमार

हिम न्यूज़ शिमला। भाजपा पंचायतीराज एवं नगर निकाय चुनाव प्रबंधन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक भाजपा प्रदेश कार्यालय दीप कमल, चक्कर शिमला में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक विपिन परमार ने की। बैठक में उपाध्यक्ष एवं विधायक विनोद कुमार, भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल, बलबीर वर्मा, त्रिलोक जमवाल, रणधीर शर्मा, बिहारी लाल शर्मा, संजय शर्मा, प्रमोद ठाकुर सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

बैठक में आगामी नगर निगम एवं नगर निकाय चुनावों की व्यापक समीक्षा की गई और संगठनात्मक मजबूती के साथ चुनाव लड़ने की रणनीति तैयार की गई। साथ ही जिला परिषद चुनावों में भाजपा की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मंडल एवं जिला इकाइयों से प्राप्त सुझावों पर गहन चर्चा की गई।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खिलाफ गहरा जनआक्रोश है।कांग्रेस सरकार ने जनता को झूठे वादों से ठगा है और अब जनता उन्हें इन चुनावों में जवाब देने के लिए तैयार बैठी है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव आने वाले विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल हैं, जिसमें कांग्रेस को ट्रेलर दिख जाएगा।

उन्होंने महिलाओं के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश की 28 लाख महिलाओं को ₹1500 प्रति माह देने का वादा आज तक पूरा नहीं हुआ है। परमार ने कहा कि 41 महीने बीत जाने के बाद भी एक भी बहन को यह राशि नहीं मिली—यह महिलाओं के साथ खुला विश्वासघात है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वादे को पूरा न करने के कारण सरकार पर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी बनती है, जो कांग्रेस की नीयत और नीतियों पर सवाल खड़ा करती है।

विपिन परमार ने कहा कि प्रदेश की माताएं-बहनें खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं और आने वाले चुनावों में कांग्रेस को इसका करारा जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि नर्सिंग संस्थान कनेरी मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए विपिन परमार ने कहा कि हाल ही में सामने आया मामला प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि एक सरकारी नर्सिंग संस्थान में 2 छात्राओं का टीबी संक्रमित होना और 17 अन्य छात्राओं को एहतियातन दवा देना अत्यंत चिंताजनक है। परमार ने कहा कि यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि कांग्रेस सरकार की लापरवाही, अव्यवस्था और स्वास्थ्य संस्थानों में बिगड़ती स्थिति का प्रतीक है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने एसडीएम जांच में सामने आई अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि 2007 से संचालित संस्थान में आज तक मेस का टेंडर नहीं होना, भोजन की गुणवत्ता पर सवाल और रिकॉर्ड का अभाव—यह सब कांग्रेस सरकार की कार्यशैली को दर्शाता है। विपिन परमार ने कहा कि छात्राओं के अभिभावकों द्वारा उठाए गए मुद्दे और अस्पताल में हुए विरोध प्रदर्शन इस बात का प्रमाण हैं कि जनता अब सरकार की नाकामी से त्रस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ऐसी लापरवाही सामने आती है, तो यह सीधे तौर पर सरकार की जवाबदेही पर प्रश्नचिन्ह लगाती है।

अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है—चाहे महिलाओं के वादे हों, किसानों की समस्याएं हों या स्वास्थ्य व्यवस्था। आने वाले चुनावों में जनता इन सभी मुद्दों का हिसाब लेगी और भाजपा को मजबूत जनादेश देगी।