अपने क्षेत्र के हक के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं : यशपाल शर्मा

हिम न्यूज़ शकरोड़ी : सतलुज नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और भारी मात्रा में गाद (सिल्ट) जमा होने के कारण शिमला और मंडी जिले की सीमा पर स्थित दर्जनों गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। ग्राम पंचायत शकरोडी के प्रधान ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार और संबंधित जलविद्युत कंपनियों को आड़े हाथों लिया है ।

 

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियां हमारे आज के मौन के लिए हमें कभी माफ नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि डूबने की कगार पर कई पंचायतें सतलुज नदी के रौद्र रूप और लगातार जमा हो रही गाद के कारण निम्नलिखित क्षेत्र सीधे तौर पर विनाश के मुहाने पर खड़े हैं। ग्राम पंचायत शकरोडी, ग्राम पंचायत शाकरा, नगर पंचायत सुन्नी, पंचायत थलीग्राम, पंचायत घरयाना, पंचायत तत्तापानी, ग्राम पंचायत जूनी,ग्राम पंचायत मढोड़घाट खत्म हो रहे हैं।  

प्रधान ने कहा कि नदी में गाद का स्तर लगातार ऊपर उठ रहा है। इसके कारण हमारे पूर्वजों की जमीनें, उपजाऊ खेत, ऐतिहासिक स्थल और स्थानीय बुनियादी ढांचा (Assets) धीरे-धीरे जलमग्न और नष्ट होते जा रहे हैं। पर्यावरण और स्थानीय आजीविका को जो नुकसान हो रहा है, उसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। प्रधान ने कहा कि सरकार और मुनाफा कमाने वाली कंपनियां गहरी निद्रा में सोई हैं। वे इस तबाही को मूकदर्शक बनकर देख रही हैं। हमारी जमीनों और पानी से अरबों का राजस्व कमाने वाले संस्थान आज स्थानीय जनता को बेघर होने के लिए छोड़ चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यदि हम आज भी चुप रहे, तो आने वाली पीढ़ी हमें कोसेगी। हमारे बच्चे कहेंगे कि जब हमारी मातृभूमि और धरोहरें डूब रही थीं, तो हमारे पूर्वजों ने आवाज क्यों नहीं उठााई?  वे हमारे आत्मसमर्पण पर आंसू बहाएंगे। यशपाल शर्मा ने कहा कि हमारी जीवनदायिनी सतलुज नदी आज हमारे वजूद के लिए संकट बन चुकी है। शक्कोरोड़ी, शाकरा, सुन्नी, थली, घरआना, तत्तापानी, जूनी और मढोड़घाट—ये सिर्फ कागजों पर लिखे नाम नहीं हैं, ये हमारा घर हैं, हमारा इतिहास हैं और हमारी पहचान हैं।

उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती गाद हमारी जमीनों और एसेट्स को निगल रही है। यदि आज हम अपने अधिकारों और अपनी सुरक्षा के लिए खड़े नहीं हुए, तो कल हमारे पास पछतावे के अलावा कुछ नहीं बचेगा। सरकारी तंत्र और बड़ी कंपनियां हमारी खामोशी का फायदा उठा रही हैं।