हिमाचल की जलविद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा संभावनाओं से जुड़े मुद्दों को मिलेगा मंच – हर्ष महाजन

हिम न्यूज़, शिमला। भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन को संसद की महत्वपूर्ण ऊर्जा समिति (Committee on Energy) में सदस्य के रूप में जिम्मेदारी मिली है। इसके साथ ही महाजन को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग क्षेत्र से जुड़ी परामर्शदात्री समिति में भी सदस्य के रूप में जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी दी गई है।

 

ऊर्जा समिति में हर्ष महाजन की सदस्यता हिमाचल प्रदेश के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। हिमाचल जलविद्युत उत्पादन की बड़ी संभावनाओं वाला राज्य है और प्रदेश में हाइडल पावर के साथ-साथ सौर ऊर्जा तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विस्तार की भी व्यापक संभावनाएं हैं।

 

हर्ष महाजन ने कहा कि समिति के माध्यम से हाइडल पावर जनरेशन, सोलर पावर, रिन्यूएबल एनर्जी, ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा संक्रमण तथा ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य करने और हिमाचल प्रदेश से संबंधित विषयों को उचित मंच पर उठाने का अवसर मिलेगा।

 

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक परिस्थितियां उसे ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में विशेष स्थान देती हैं। प्रदेश की जलविद्युत क्षमता का बेहतर उपयोग, ऊर्जा परियोजनाओं में हिमाचल के हितों की रक्षा, स्थानीय लोगों को लाभ तथा नवीकरणीय ऊर्जा के नए अवसरों को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण विषय हैं।

 

महाजन ने कहा कि सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े दायित्व के माध्यम से भी हिमाचल प्रदेश की आवाज को मजबूती से उठाने का प्रयास किया जाएगा। पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल में राष्ट्रीय राजमार्ग, फोरलेन, सुरंगें, पुल तथा सामरिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं प्रदेश के आर्थिक विकास की रीढ़ हैं।

 

उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से केवल यात्रा का समय कम नहीं होता, बल्कि पर्यटन, व्यापार, कृषि-बागवानी, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और दूरदराज क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को भी नई गति मिलती है।

 

हर्ष महाजन ने कहा, “ऊर्जा और सड़क आधारभूत ढांचा हिमाचल प्रदेश के भविष्य से सीधे जुड़े दो महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, उसका पूरी निष्ठा और गंभीरता से निर्वहन करते हुए हिमाचल के हितों और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से उठाने का प्रयास करूंगा।”

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ऊर्जा और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। हिमाचल प्रदेश को केंद्र की योजनाओं और परियोजनाओं का अधिकतम लाभ मिले, इसके लिए वह संसद एवं संबंधित समितियों के माध्यम से निरंतर प्रयास करते रहेंगे।