हिमकेयर योजना का लाभ न मिलने से हो रही मौतों पर भड़के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार

हिम न्यूज़ कांगड़ा। कांगड़ा जिला के पालमपुर में पैसों के अभाव और इलाज न मिलने के कारण हुई एक मरीज की दुखद मृत्यु के बाद हिमाचल प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं सुलह विधायक विपिन सिंह परमार ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए इसे महज मौत नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही से हुई ‘हत्या’ करार दिया है।

विपिन सिंह परमार ने गहरा शोक और रोष व्यक्त करते हुए कहा कि केवल डेढ़ लाख या पचास हजार रुपये जैसे मामूली बजट के अभाव में प्रदेश के बेबस लोग तड़प-तड़प कर मरने को मजबूर हैं, जबकि मुख्यमंत्री करोड़ों रुपये खर्च करके प्राइम लोकेशन्स पर अपने बड़े-बड़े विज्ञापनों और ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के पोस्टरों में मुस्कुरा रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमकेयर और सहारा जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं इसी उद्देश्य से शुरू की गई थीं, ताकि आपातकाल के समय लोगों को निजी व सरकारी अस्पतालों में समय पर और कैशलेस इलाज मिल सके। अक्सर मरीजों को मेडिकल कॉलेजों तक पहुंचने में समय लगता है, ऐसे में निजी अस्पतालों में समय पर उपचार मिलना जीवन बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। लेकिन वर्तमान सरकार ने विशुद्ध राजनीतिक द्वेष और बदले की भावना से इन लोकप्रिय योजनाओं को ठप कर दिया है।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा से लेकर सड़क तक सरकार से लोगों के जीवन से न खेलने की गुहार लगाई गई, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। अब इस त्रासदी पर पर्दा डालने के लिए मित्रमंडली के साथ साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री स्वास्थ्य क्षेत्र में हाई-एंड सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे और भाषण कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर योजना का लाभ रोकने के लिए कागजों में जिंदा इंसानों को ‘मृत’ घोषित करने जैसे शर्मनाक कारनामे किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “एक तरफ आदमी तड़प-तड़प कर मर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री भाषण और बातें ऐसी कर रहे हैं कि हमने तो स्वास्थ्य क्षेत्र में हाई-एंड सुविधाएं शुरू की हैं। जबकि इधर पैसों के अभाव में इलाज नहीं मिल पा रहा है। अगर हिमकेयर कार्ड होता और प्राइवेट अस्पताल में उपचार मिलता तो उसकी जिंदगी बच जाती। मेरी उस परिवार के प्रति संवेदना है और वर्तमान सरकार के खिलाफ गहरा रोष है कि जिस योजना के कारण लोगों की जिंदगी बचती थी, उस योजना की ही जिंदगी समाप्त कर दी। इस मौत के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनकी सरकार पूरी तरह दोषी है।”

विपिन सिंह परमार ने कहा कि लोग बेबस हैं और यह केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं है। एक नहीं, अनेकों लोगों को हिमकेयर योजना के बंद होने से परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सहारा योजना को भी इस सरकार ने बंद कर दिया है और सैकड़ों लोग उनसे मिलकर यह शिकायत कर चुके हैं कि उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कुछ लोगों को योजना का लाभ न मिले, इसके लिए उन्हें कागजों में मृत तक घोषित कर दिया, जबकि वे वास्तव में जीवित हैं। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी, आपको लज्जा नहीं आती कि आपकी सरकार ऐसे कारनामे कर रही है? जिंदा आदमी को मृत बताया जा रहा है। आदमी की जिंदगी से कोई खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि सरकार केवल इसलिए हिमकेयर योजना को बंद करना चाहती है क्योंकि भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस योजना को लोकप्रियता मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बदले की भावना से जनहित की योजनाओं को बंद कर रही है, जिसका खामियाजा प्रदेश की गरीब और जरूरतमंद जनता को भुगतना पड़ रहा है।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा इस अन्याय को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही हिमकेयर योजना को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पुनः शुरू किया जाएगा, ताकि धन के अभाव में किसी भी गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति की बिना उपचार मौत न हो।