युवाओं से वादाखिलाफी कर रही सुक्खू सरकार :संदीपनी

हिम न्यूज़, शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने प्रदेश में रोजगार को लेकर सरकार की ओर से सामने आए आंकड़ों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार हिमाचल के युवाओं से किए अपने चुनावी वादों से पूरी तरह पलट चुकी है। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश के युवाओं को पहली कैबिनेट में एक लाख पक्की नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार पांच साल के कार्यकाल में एक लाख नौकरियों का आंकड़ा छूने की बात कर रही है। यह कांग्रेस की वादाखिलाफी का स्पष्ट उदाहरण है।

 

भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के समय केवल एक लाख नौकरियों की बात नहीं की थी, बल्कि युवाओं को ऐसी पक्की सरकारी नौकरी देने का सपना दिखाया था जिसमें 58 वर्ष की आयु तक रोजगार की सुरक्षा हो। आज सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पहली कैबिनेट में एक लाख नौकरियां देने का वादा आखिर कहां गया? क्या चुनाव के समय कांग्रेस द्वारा दी गई गारंटी केवल वोट हासिल करने का माध्यम थी?

 

उन्होंने कहा कि प्रकाशित समाचार के अनुसार सरकार ने दिसंबर 2025 तक 32,223 सरकारी नौकरियां दिए जाने और करीब 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चलने की बात कही है। साथ ही दिसंबर 2026 तक इस संख्या को 50 हजार तक पहुंचाने और अगले वर्ष 30 हजार से अधिक नौकरियां देने का लक्ष्य बताया गया है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार के अपने दावे ही कांग्रेस की चुनावी गारंटी और वर्तमान स्थिति के बीच का अंतर उजागर कर रहे हैं।

 

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने चुनाव से पहले प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के सामने बड़े-बड़े आंकड़े रखे थे। सत्ता प्राप्त होते ही उन्हीं वादों की परिभाषा बदल दी गई। पहले कहा गया—पहली कैबिनेट में एक लाख पक्की नौकरियां; अब कहा जा रहा है—पांच साल में एक लाख के करीब नौकरियां। प्रदेश का युवा जानना चाहता है कि कांग्रेस की पहली कैबिनेट वाली गारंटी का क्या हुआ?

 

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में चंद पक्की नौकरियों और महत्वपूर्ण नियुक्तियों को लेकर भी भाई-भतीजावाद और सरकार के करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने के गंभीर सवाल लगातार उठ रहे हैं। उन्होंने कहा, “प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवा नौकरी के लिए इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार के मित्रों के बेटे-बेटियों के लिए अवसरों के दरवाजे तेजी से खुलते दिखाई देते हैं। योग्यता रखने वाला सामान्य युवा कतार में खड़ा है और सत्ता के नजदीकी लोगों को प्राथमिकता मिलने के आरोप सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं।”

 

भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस सरकार रोजगार के आंकड़ों में नियमित सरकारी नौकरी, अस्थायी नियुक्ति, आउटसोर्स रोजगार और निजी क्षेत्र में पैदा हुए अवसरों को अलग-अलग करके जनता के सामने स्पष्ट विवरण रखे। केवल बड़े आंकड़े प्रस्तुत करके पहली कैबिनेट में एक लाख पक्की नौकरियों की गारंटी से सरकार बच नहीं सकती।

 

उन्होंने कहा कि सरकार आज निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने की आवश्यकता बता रही है, जबकि चुनाव के समय कांग्रेस का प्रमुख वादा सरकारी क्षेत्र में पक्की नौकरियों का था। यदि अब सरकार अपनी गारंटी पूरी करने के स्थान पर निजी क्षेत्र के रोजगार को अपने लक्ष्य में जोड़ रही है, तो यह प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ राजनीतिक छल है।

 

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल का युवा सरकार से भाषण या भविष्य के नए लक्ष्य नहीं, बल्कि चुनाव के समय दी गई गारंटी का हिसाब मांग रहा है। सरकार बताए कि पहली कैबिनेट के निर्णय के तहत कितनी पक्की नौकरियां स्वीकृत की गईं, उनमें से कितने युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए और कितनी नौकरियां 58 वर्ष तक की सेवा सुरक्षा वाली हैं।

 

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस सरकार अब “गारंटी की सरकार” नहीं बल्कि “वादाखिलाफी की सरकार” बन चुकी है। भाजपा प्रदेश के बेरोजगार युवाओं की आवाज मजबूती से उठाती रहेगी और कांग्रेस को उसके प्रत्येक चुनावी वादे का हिसाब जनता के सामने देना होगा।