हिम न्यूज़, करसोग : करसोग उपमंडल के विकास खंड चुराग के अन्तर्गत आने वाले सभी पात्र परिवार मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के लिए 20 सितंबर, 2026 तक अपना आवेदन कर सकते है। खंड विकास अधिकारी चुराग यशवंत भारद्वाज ने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत पात्र परिवारों के आवेदन के लिए किसी भी ग्राम पंचायत के लिए किसी भी प्रकार की कोई अधिकतम या न्यूनतम संख्या निर्धारित नहीं की गई है। खंड विकास क्षेत्र में आने वाले सभी पंचायतों के सभी पात्र व्यक्ति योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन कर सकते है।
उन्होंने बताया कि योजना के लिए पात्रता निर्धारण हेतु आय प्रमाण पत्र की वैधता अवधि 31 जुलाई, 2025 से 20 सितंबर, 2026 तक मान्य होगी। इसी प्रकार मनरेगा के तहत कार्य दिवसों से संबंधित अवधि 1 अप्रैल, 2025 से 31 मार्च, 2026 तक निर्धारित की गई है।
खंड विकास अधिकारी ने बताया कि ऐसे सभी परिवार, जो किसी पूर्व चरण में पात्र होने के बावजूद किसी कारणवश आवेदन नहीं कर पाए थे, वे सभी आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, 30 नवंबर, 2025 से पूर्व की पुरानी बीपीएल सूची में शामिल परिवारों को मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना में शामिल होने के लिए पुनः आवेदन करना आवश्यक होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 30 नवंबर, 2025 से पूर्व की सूची को बीपीएल के नाम से ही जाना जाएगा, जबकि योजना के नौ चरणों में चयनित नए पात्र परिवारों को एमएमएपी यानि मुख्यमंत्री अपना परिवार के अंतर्गत शामिल किया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी ने बताया कि निर्धारित समावेशन मानदंडों में से किसी एक या एक से अधिक मानदंडों को पूरा करने वाले परिवार अति निर्धन परिवारों की सूची में शामिल होने के पात्र होंगे। उन्होंने बताया कि ऐसे परिवार जिनमें केवल 27 वर्ष से कम आयु के अनाथ बच्च ही सदस्य है व 27 से 59 वर्ष की आयु का कोई भी वयस्क सदस्य नहीं है। इसके अतिरिक्त, ऐसे परिवार जिनकी मुखिया महिला हो तथा परिवार में 27 से 59 वर्ष की आयु का कोई वयस्क सदस्य न हो, जिसमें विधवा, अविवाहित, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाएं शामिल होंगी। ऐसे परिवार जिनके मुखिया में 40 प्रतिशत विकलांगता हो। ऐसे परिवार जिनके किसी एक भी व्यस्क सदस्य द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 अथवा 2025-26 में मनरेगा के तहत कम से कम एक दिन कार्य किया हो पात्र होंगे।
इसके अलावा, ऐसे परिवार जिनके कमाने वाले सदस्य कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसन, मस्कुलर डिस्ट्राॅफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया या अन्य किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के कारण स्थायी रूप से अक्षम हो गए हों, साथ ही ऐसे परिवार जिनमें कमाने वाला सदस्य किसी दुर्घटना के कारण रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से स्थायी रूप से निष्क्रिय, अशक्त अथवा बिस्तर पर रहने के लिए विवश हो गया हो और ऐसे परिवार जो भूमिहीन हो योजना के निर्धारित समावेशन मानदंडों के अंतर्गत पात्र होंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे परिवार इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे, जिनका कोई भी सदस्य आयकरदाता हो, जिनकी समस्त स्रोतों से अर्जित वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक हो, जिनके पास एक हेक्टेयर से अधिक भूमि हो अथवा जिनका कोई सदस्य सरकारी, अर्धसरकारी अथवा निजी सेवा या नौकरी में कार्यरत हो, योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
उन्होंने पात्र परिवारों से अपील की है कि वे योजना से संबंधित निर्धारित पात्रता एवं मानदंडों की जानकारी प्राप्त कर आवेदन करें और किसी भी प्रकार की गलतफहमी के कारण आवेदन करने से वंचित न रहें।
उन्होंने सभी पंचायत सचिवों से भी आग्रह किया है कि प्राप्त होने वाले आवेदनों का प्रतिदिन आधार पर शत प्रतिशत सत्यापन और बैंक खातों की आधार सीडिग करना भी सुनिशित करे।