हिम न्यूज़ परवाणू। औद्योगिक नगर एवं हिमाचल प्रदेश के प्रवेश द्वार परवाणू, जिला सोलन में नगर परिषद द्वारा संचालित गौशाला में रह रही गौ माता के संरक्षण एवं कल्याण की दिशा में गौशाला को गोद लेने की एक सराहनीय पहल आज, 3 सितंबर को पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव श्री सुशील कुमार सिंगला, आईएफएस द्वारा शुरू की गई।

पवित्र जन्माष्टमी पर्व, जो पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, इस वर्ष 4 सितंबर को मनाया जाएगा। भारतीय शास्त्रों में भगवान श्रीकृष्ण और गौ माता के बीच अटूट संबंध का वर्णन मिलता है। भगवान श्रीकृष्ण को गोपाल के रूप में भी पूजा जाता है और उनका चित्रण सदैव गौ माता के साथ किया जाता है।
इसी पहल के तहत मैसर्स अल्कोब्रू डिस्टिलरी इंडिया लिमिटेड, ग्राम कांदला, डाकघर हरिपुर, तहसील एवं जिला सोलन ने नगर परिषद, परवाणू की गौशाला को गोद लेने के लिए नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के साथ एक समझौता किया है।
इस समझौते पर 3 सितंबर, 2026 को श्री सुशील कुमार सिंगला, आईएफएस की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। समझौते के तहत मैसर्स अल्कोब्रू डिस्टिलरी इंडिया लिमिटेड गौशाला में रखी गई सभी गायों के लिए सूखे एवं हरे चारे की व्यवस्था करेगी। इसके अतिरिक्त, आवश्यकता पड़ने पर कंपनी द्वारा दवाइयां तथा आवश्यक पशु चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।

यह समझौता दो वर्ष की अवधि के लिए किया गया है। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में यह अपनी तरह की पहली पहल है, जो गौ माता के संरक्षण एवं कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस छोटे से कदम को एक सतत् एवं स्थायी आंदोलन में बदलने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। यह पहल न केवल गौ माता के संरक्षण एवं कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज एवं औद्योगिक क्षेत्र की सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का भी एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है।