फीस रोलबैक कर पुराना फीस स्ट्रक्चर लागू करने का वी सी ने दिया आश्वासन

हिम न्यूज़, शिमला : स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय में लगातार बढ़ाई जा रही फीस तथा छात्रों पर डाले जा रहे आर्थिक बोझ के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन को आज बड़ी सफलता मिली। SFI द्वारा लगातार किए जा रहे आंदोलन और हजारों छात्रों की भागीदारी के दबाव में आखिरकार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

 

SFI हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा आज 2 सितंबर 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में तीसरी विशाल रैली निकाली गई, जिसमें हजारों छात्रों ने भाग लिया। यह आंदोलन की तीसरी बड़ी रैली थी। इससे पहले SFI द्वारा 12 अगस्त को पहली रैली और 19 अगस्त को दूसरी रैली आयोजित की गई थी। तीनों रैलियों में छात्रों की लगातार बढ़ती भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लगातार बढ़ाई जा रही फीस के खिलाफ छात्रों में भारी रोष है।

 

आज की रैली के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए बढ़ी हुई फीस को तत्काल वापस लेने और पुराना फीस स्ट्रक्चर लागू करने की मांग उठाई। SFI ने स्पष्ट किया कि शिक्षा किसी भी छात्र के लिए आर्थिक बोझ नहीं बल्कि उसका अधिकार है। विश्वविद्यालय द्वारा अलग-अलग विभागों में फीस बढ़ाकर छात्रों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालना किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

 

SFI का कहना है कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र सामान्य एवं मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं। लगातार बढ़ती फीस के कारण उच्च शिक्षा छात्रों की पहुंच से बाहर होती जा रही है। ऐसे समय में विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह छात्रों को राहत प्रदान करे, न कि फीस में लगातार वृद्धि करके उनके ऊपर आर्थिक बोझ डाले।

 

आज की रैली के दौरान SFI प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलपति से मुलाकात कर छात्रों की मांगों को प्रमुखता से रखा। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष स्पष्ट किया कि फीस वृद्धि को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और जब तक बढ़ी हुई फीस को वापस लेकर पुराना फीस स्ट्रक्चर लागू नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

 

SFI के लगातार दबाव और छात्रों की एकजुटता के बाद विश्वविद्यालय के कुलपति ने आश्वासन दिया है कि बढ़ाई गई फीस को रोलबैक किया जाएगा तथा पुराना फीस स्ट्रक्चर लागू करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। कुलपति ने यह भी आश्वासन दिया कि इस संबंध में 3 सितंबर 2026 को होने वाली फाइनेंस कमेटी की बैठक में फीस वृद्धि के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।

 

SFI ने कहा कि यह छात्रों की एकजुटता और लगातार चलाए गए लोकतांत्रिक आंदोलन की जीत है। 12 अगस्त से शुरू हुआ आंदोलन 19 अगस्त की दूसरी रैली और आज 2 सितंबर की तीसरी रैली तक पहुंचा, जिसमें लगातार छात्रों की संख्या और समर्थन बढ़ता गया। छात्रों की इस एकजुटता ने विश्वविद्यालय प्रशासन को फीस वृद्धि के मुद्दे पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है।

 

SFI हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने कहा कि कुलपति द्वारा दिया गया आश्वासन छात्रों के आंदोलन की पहली बड़ी सफलता है, लेकिन SFI केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होगी। 3 सितंबर को होने वाली फाइनेंस कमेटी की बैठक में यदि फीस रोलबैक और पुराने फीस स्ट्रक्चर को लागू करने की दिशा में ठोस निर्णय लिया जाता है, तभी इसे छात्रों की वास्तविक जीत माना जाएगा।

 

SFI ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि फाइनेंस कमेटी की बैठक में बढ़ाई गई सभी फीस को वापस लेने और पुराने फीस स्ट्रक्चर को बहाल करने का स्पष्ट निर्णय लिया जाए। छात्रों को केवल आश्वासन देने के बजाय प्रशासन को इस संबंध में लिखित एवं आधिकारिक आदेश जारी करना चाहिए, ताकि भविष्य में भी छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न डाला जा सके।

 

SFI ने कहा कि उसका संघर्ष केवल फीस वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय में छात्रों को बेहतर और सस्ती शिक्षा, पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं तथा लोकतांत्रिक एवं छात्र हितैषी वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए है। विश्वविद्यालय प्रशासन को यह समझना होगा कि शिक्षा संस्थानों का उद्देश्य छात्रों से अधिक से अधिक शुल्क वसूलना नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ शिक्षा उपलब्ध करवाना है।

 

SFI हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने आज की रैली में शामिल हुए हजारों छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छात्रों की एकता ने यह साबित कर दिया है कि जब छात्र अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करते हैं तो विश्वविद्यालय प्रशासन को उनकी मांगों को सुनना पड़ता है।

 

SFI ने कहा कि 3 सितंबर की फाइनेंस कमेटी की बैठक पर छात्रों की नजर रहेगी। यदि कमेटी द्वारा फीस रोलबैक कर पुराने फीस स्ट्रक्चर को लागू करने का निर्णय लिया जाता है तो यह छात्रों के संघर्ष की महत्वपूर्ण जीत होगी। वहीं यदि प्रशासन अपने आश्वासन से पीछे हटता है तो SFI आने वाले समय में आंदोलन को और तेज करेगी तथा विश्वविद्यालय प्रशासन की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखा जाएगा।

 

SFI हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि छात्रों की फीस में की गई बढ़ोतरी को वापस लेकर पुराना फीस स्ट्रक्चर लागू करना ही आंदोलन की प्रमुख मांग है। SFI छात्रों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।