हिम न्यूज़ शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार इन तीनों क्षेत्रों में तेजी से सुधार के लिए काम कर रही है, ताकि गरीब और जरूरतमंद वर्गों को प्रदेश में ही सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एम्स स्तर की रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू की है, जिससे हिमाचल प्रदेश उत्तर भारत में आधुनिक सर्जरी के लिए एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। निजी क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी पर लगभग 6 से 7 लाख रुपये का खर्च आता है, जबकि हिमाचल में यही सर्जरी 30 हजार से 80 हजार रुपये में की जा रही है।
उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार लाने की राज्य सरकार की सोच का प्रतीक है। यह सुविधा प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध करवाई गई है और अब तक 400 से अधिक रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में 3-टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की गई हैं। सरकार का लक्ष्य अगले छह माह में एमआरआई, सीटी स्कैन और एक्स-रे की प्रतीक्षा सूची को समाप्त करना है।
इसके अलावा अगले चार माह में सभी मेडिकल कॉलेजों में ऑटोमेटेड लैब स्थापित की जाएंगी, जिससे एक ही रक्त के नमूने से कई प्रकार की जांच संभव हो सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे इन सुधारों के लिए धन उपलब्ध करवा रही है। हमीरपुर में एलाइड हेल्थ कॉलेज स्थापित किया जा रहा है, जबकि इस वर्ष प्रदेश में 320 अतिरिक्त स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटें बढ़ाई जा रही हैं। प्रदेश सरकार आवश्यकता के अनुसार डॉक्टरों के वेतन में बढ़ोतरी और नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) देने पर भी विचार कर रही है।
शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूल जल्द ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के मामले में निजी स्कूलों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की स्थिति में होंगे। प्रदेश सरकार द्वारा 150 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं, जहां 80 प्रतिशत से अधिक मेरिट वाले शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया इस वर्ष 15 सितंबर तक पूरी कर ली जाएगी।
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी विशेष प्राथमिकता दे रही है। हिमाचल प्रदेश देश को लगभग 90 हजार करोड़ रुपये की पारिस्थितिकी सेवाएं प्रदान करता है और राज्य सरकार उचित मंचों पर प्रदेश के अधिकारों और हितों को मजबूती से उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) में हर वर्ष 8 हजार करोड़ रुपये की कमी के बावजूद प्रदेश में कर्मचारियों के वेतन और पेंशनरों की पेंशन के भुगतान में कोई देरी नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में तीन नए शहर विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही है। साथ ही प्रशासनिक तंत्र के आकार को कम करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि सरकार के अधिक से अधिक धन का उपयोग जनता के कल्याण के लिए किया जा सके।