मुख्यमंत्री ने 46 अग्निशमन वाहनों को दिखाई हरी झंडी

हिम न्यूज़, शिमला :मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां प्रदेश के विभिन्न जिलों की अग्निशमन इकाइयों के लिए 46 नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों में शिमला जिले में 9, कांगड़ा में 8, मण्डी तथा सोलन में 5-5, हमीरपुर, ऊना, चम्बा तथा लाहौल-स्पीति में 3-3, सिरमौर, बिलासपुर व कुल्लू में 2-2 तथा किन्नौर जिले में एक वाहन भेजा गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा किसी भी आपदा या आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 37 और नए अग्निशमन वाहनों की खरीद की प्रक्रिया प्रगति पर है।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर रही है तथा इसके लिए 65.33 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में 9.60 करोड़ रुपये की लागत से 22 अग्निशमन वाहन खरीदे गए और उन्हें संबंधित अग्निशमन इकाइयों को उपलब्ध करवाया गया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर क्षेत्र तक आधुनिक अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं पहुंचे तथा इसी के दृष्टिगत अग्निशमन विभाग को आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित मानव संसाधन से सुसज्जित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश की जरूरतों के अनुसार अग्निशमन केंद्रों, चौकियों, वाहनों, उपकरणों और मानव संसाधन का विस्तार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 4.85 करोड़ रुपये की लागत से अग्निशमन चौकी बिझड़ी के भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है तथा नादौन और इंदौरा में उप अग्निशमन केंद्रों के भवनों के निर्माण पर साढ़े तीन-तीन करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंडाघाट के उप-अग्निशमन केंद्र के निर्माण के लिए भी 3 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नए एवं स्तरोन्नत उप-अग्निशमन केंद्रों तथा अग्निशमन चौकियों के लिए 3.85 करोड़ रुपये की लागत से 8 वाटर टेंडर खरीदे जा रहे हैं।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए नई अग्निशमन चौकियां और केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं। जिला ऊना के टाहलीवाल को उप-अग्निशमन केंद्र के रूप में स्तरोन्नत तथा कांगड़ा के चंगर क्षेत्र में नई अग्निशमन चौकी खोल दी गई है। उन्होंने कहा कि नई अग्निशमन इकाइयों को सुचारू रूप से चलाने के लिए अग्निशमन कर्मियों की विभिन्न श्रेणियों के 754 स्वीकृत पद भरे गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश की समग्र आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है तथा आधुनिक वाहन, बेहतर उपकरण, पर्याप्त मानव संसाधन और मजबूत आधारभूत *ढांचों* पर एक साथ काम किया जा रहा है ताकि किसी भी आपदा या आग लगने की स्थिति में जन-धन की हानि को कम किया जा सके।

इस अवसर पर महापौर शिमला नगर निगम सुरेन्द्र चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम, डीजी (होमगार्ड) सतवंत अटवाल, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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