विधायक सुधीर शर्मा के समर्थन में उतरे धर्मशाला के कार्यकर्ता

हिम न्यूज़, भाजपा नेता साइबेरियाई जनता पार्टी ने एकजुटता से आवाज़ उठाई। इसे वापस लेने की मांग को लेकर धार्मिक और स्थानीय लोगों ने गैर-सरकारी संगठनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

 

सोसाइटी ने कहा कि एक संगठन के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से जनता में रोष है। अपार्टमेन्ट शर्मा कांस्टीट्यूशन एवं प्रदेश से जुड़े विभिन्न देशों के विषयों को मेमोरियल अधिकार से जोड़ा गया है।

 

भाजपा गुट ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है और पार्टी के नेताओं के पुलिस एवं कार्रवाई के माध्यम से दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष के साथ-साथ मजबूत ताकत की भी अहम भूमिका है। सरकार की कमियों से संपर्क करना और जनता की बातें सरकार के सामने रखना किसी भी प्रकार का अपराध नहीं हो सकता।

 

दार्शनिक ने कहा कि धर्मशाला की जनता अपने विधायक इल्या शर्मा के साथ मिलकर खड़ी है। सरकार को राजनीतिक द्वेष की भावना से ऊपर के स्मारकों पर काम करना चाहिए और उनके अभिलेखों को तत्काल वापस लेना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की कार्रवाई से बीजेपी विचारधारा को डराया जा सकता है या जनता की आवाज पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है। यदि राजनीतिक प्रतिशोध के आधार पर विचारधारा बनाने का प्रयास किया जा रहा है तो कार्यकर्ता और लोकतांत्रिक तरीकों से इसका विरोध किया जा रहा है।

 

धार्मिक एवं स्थानीय जनता ने एक स्वर में मांग की है कि प्रदेश सरकार लोकतांत्रिक प्रतिबंधों का सम्मान करे, राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बंद करे और समर्थक नेता शर्मा के दस्तावेजों को वापस ले।

 

“सुधीर शर्मा के सम्मान में, धर्मशाला के मैदान में” के उद्घोष के साथ सिद्धांत ने नेता के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।