आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं तैयारी कार्यक्रम में हितधारक परामर्श बैठक आयोजित

हिम न्यूज़, कुल्लू। हिमाचल प्रदेश आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं तैयारी कार्यक्रम (एचपीडीआरआरपी) के अंतर्गत एएफडी द्वारा वित्तपोषित परियोजना के तहत प्रस्तावित जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी), कुल्लू के लिए मंगलवार को बहुउद्देशीय सभागार में हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए),अश्वनी कुमार द्वारा की गई।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वयंसेवकों, डीआईएजी स्वयंसेवकों तथा अन्य संबंधित हितधारकों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य परियोजना के अंतर्गत हितधारक सहभागिता योजना (एसईपी) एवं लैंगिक कार्य योजना (जीएपी) तैयार करने के लिए विभिन्न पक्षों से सुझाव एवं अभिमत प्राप्त करना था।

बैठक के दौरान कार्यक्रम प्रबंधन एवं अभिकल्प परामर्शदाता टीम के नीरज शर्मा एवं वरुण शर्मा ने प्रतिभागियों को एचपीडीआरआरपी-एएफडी परियोजना के उद्देश्यों, प्रमुख गतिविधियों, हितधारक सहभागिता योजना तथा लैंगिक कार्य योजना की आवश्यकता एवं महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए हितधारकों की सक्रिय भागीदारी, सामाजिक एवं पर्यावरणीय पहलुओं का समुचित समावेश तथा लैंगिक संवेदनशीलता अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए), जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (डीडीएमए), राज्य एवं जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों (एसईओसी एवं डीईओसी) के सुदृढ़ीकरण से संबंधित परियोजना के उद्देश्यों, प्रस्तावित गतिविधियों तथा संभावित लाभों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। प्रतिभागियों से सामाजिक, पर्यावरणीय तथा लैंगिक मुद्दों पर सुझाव प्राप्त किए गए, जिन्हें परियोजना की योजना एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित डीईओसी
भवन आधुनिक संचार, समन्वय, आपातकालीन प्रतिक्रिया, सूचना प्रबंधन तथा निर्णय निर्माण प्रणालियों से सुसज्जित होगा। यह केंद्र जिला स्तर पर आपदा पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया, राहत एवं पुनर्वास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रतिभागियों ने परियोजना का स्वागत करते हुए महिला सहभागिता, दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाओं, सामुदायिक जागरूकता, आपदा जोखिम न्यूनीकरण उपायों तथा स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
जिला प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कुल्लू ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि प्राप्त सुझावों को हितधारक सहभागिता योजना (एसईपी) एवं लैंगिक कार्य योजना (जीएपी) में यथासंभव सम्मिलित किया जाएगा, ताकि परियोजना को अधिक समावेशी, प्रभावी एवं जनहितकारी बनाया जा सके।