हिमाचल निर्माता डॉ. परमार की पुण्यतिथि भूलना दुर्भाग्यपूर्ण – करण नंदा

हिम न्यूज़, शिमला। हिमाचल प्रदेश के निर्माता एवं प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार की पुण्यतिथि के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा कोई औपचारिक कार्यक्रम आयोजित न किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा नेता एवं मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने इस विषय पर कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस महापुरुष ने हिमाचल को पहचान दिलाई, उसी को आज कांग्रेस सरकार भूल गई है।

कर्ण नंदा ने कहा कि डॉ. परमार का 2 मई 1981 को निधन हुआ था और वर्ष 1984 में शिमला के रिज मैदान पर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई थी। तब से हर वर्ष उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर सरकारी स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं, जिनमें मुख्यमंत्री, मंत्री, विभिन्न दलों के नेता और अधिकारी उपस्थित होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते थे। लेकिन इस बार कांग्रेस सरकार की ओर से कोई आयोजन न किया जाना उनके प्रति अनादर को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि डॉ. परमार ने हिमाचल प्रदेश को एक अलग पहचान दिलाने के लिए लंबा संघर्ष किया। स्वतंत्रता के बाद जब पहाड़ी क्षेत्रों के भविष्य को लेकर असमंजस था, तब उनके नेतृत्व में हिमाचल को एक अलग प्रशासनिक इकाई के रूप में स्थापित किया गया। उनके प्रयासों से ही हिमाचल को पहले केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिला और बाद में 25 जनवरी 1971 को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि उनकी दूरदर्शिता और दृढ़ नेतृत्व का परिणाम थी।
कर्ण नंदा ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस सरकार ने महापुरुषों की अनदेखी की हो। इससे पहले भी भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी से जुड़े कार्यक्रमों की अनदेखी की गई थी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी राज्य सरकार गंभीर नजर नहीं आई, जहां उनके मंत्री और नेता तक भाग लेने नहीं पहुंचे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का यह रवैया दर्शाता है कि वह इतिहास, महापुरुषों और राष्ट्रहित के विषयों को लेकर संवेदनशील नहीं है। भाजपा ऐसे सभी मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगी और कांग्रेस सरकार को जवाबदेह बनाएगी।
अंत में कर्ण नंदा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने डॉ. यशवंत सिंह परमार की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है और प्रदेश के विकास के लिए उनके दिखाए मार्ग पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है।