दिल्ली पुलिस को रोकना संघीय ढांचे और संविधान का उल्लंघन” : रणधीर शर्मा

हिम न्यूज़ ने कहा: बीजेपी नेता और विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि जिस तरह से हिमाचल प्रदेश पुलिस टीम दिल्ली से आई पुलिस टीम को विधिसम्मत कार्रवाई करने से रोकती है और उनके साथ अभद्र व्यवहार करती है, वह बेहद सहयोगी और निन्दनीय है। भारतीय जनता पार्टी इस घटना के नारों में निंदा करती है।

रणधीर शर्मा ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल हाउस समित ने विश्व पटल पर भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई दी। इसी मंच पर राहुल गांधी के निर्देश पर युवा कांग्रेस ने नग्न प्रदर्शन करने वाले देशों की छवि को धूमिल करने वाला राष्ट्र विरोधी संविधान बनाया था। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने विधिसम्मत रूप से मामला दर्ज कर आरोपियों की कार्रवाई शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस जब रोहडू से आपराधिक अपराधियों को गिरफ्तार कर वापस ले जा रही थी, तब हिमाचल पुलिस द्वारा उन्हें लाभ और रियायती कार्रवाई करना संघीय आतंकवादियों की भावना के विपरीत है। संविधान के अंतर्गत एक राज्य की पुलिस का कर्तव्य है कि वह दूसरे राज्य की पुलिस को सहयोग दे, न कि मालदीव की स्थिति पैदा करे।

रणधीर शर्मा ने कहा कि अगर हिमाचल सरकार दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं करती है तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह पूरी घटना मुख्यमंत्री श्री सुख अग्रवाल सिंह सुखू के निर्देश पर हुई है। “चोर की आखिरी में तिनका” की मुख्तारनामा पर अगर सरकार के चारो को सुरक्षित रखा जाए तो उसके संविधान पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के गुंडों के लिए प्रदेश में अराजकता, लोकतांत्रिक अत्याचार और संवैधानिक प्रतिबंधों का खुला उल्लंघन है। बीजेपी ने मांग की है कि अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और संघीय स्तर की गरिमा की रक्षा सुनिश्चित की जाए।