केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग ने आयोजित किया कार्यक्रम

हिम न्यूज़ धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, धर्मशाला के शिक्षा विभाग की ओर से धौलाधार परिसर–I में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया गया। यह दिवस भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जयंती की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने भारत में आधुनिक शिक्षा की नींव रखी थी। कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता एवं अध्यक्ष प्रो. विशाल सूद तथा अन्य संकाय सदस्यों द्वारा दीप प्रज्जवलन से हुआ। इसके पश्चात शोधार्थी पारूल, प्रेरणा, वनीता, विरंजन, हीना एवं लोबजांग ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के शिक्षा क्षेत्र में योगदान पर आधारित एक लघु डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई।

एम.ए. एजुकेशन प्रथम सेमेस्टर के छात्र गौरव ने “शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका” विषय पर विचार प्रस्तुत किये। शोधार्थी स्वाति ने “माँ – बच्चे एवं समाज की पहली शिक्षिका” शीर्षक से कविता पाठ किया। इस अवसर पर प्रो. विशाल सूद, डॉ. राजिंदर सिंह (सह-प्रोफेसर एवं कार्यक्रम संयोजक), डॉ. नवनीत शर्मा एवं डॉ. प्रकृति भार्गव (सहायक प्रोफेसर) ने राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के महत्व एवं शिक्षण–अधिगम में नवाचार की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर शोधार्थियों, एम.ए. एजुकेशन तथा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग (पीजीडीजीसी) के विद्यार्थियों द्वारा “शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता” विषय पर प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा निर्मित रचनात्मक मॉडल और चार्ट प्रस्तुत किए गए।

विद्यार्थियों ने “शिक्षा हमारा अधिकार, हमारी शक्ति और बेहतर कल की राह” विषय पर एक नाटक भी प्रस्तुत किया, जिसमें शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का समापन शोधार्थी विकास शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाया।