हिम न्यूज़, शिमला : राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज लोक भवन से जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत स्व-गणना अभियान का शुभारम्भ किया। यह अभियान 1 जून से 15 जून, 2026 तक प्रदेश भर में संचालित किया जाएगा, जिसके माध्यम से नागरिक डिजिटल पोर्टल पर स्वयं अपनी जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
राज्यपाल ने इस अवसर पर स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी स्व-गणना प्रक्रिया पूर्ण कर प्रदेशवासियों को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। इस अवसर पर निदेशक, जनगणना संचालन, हिमाचल प्रदेश, दीप शिखा शर्मा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने राज्यपाल को डिजिटल जनगणना प्रक्रिया तथा इसके विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
राज्यपाल ने प्रक्रिया को पूर्ण करने के उपरांत जनगणना के महत्त्व पर बल देते हुए कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या संबंधी आंकड़े एकत्रित करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश और प्रदेश की भावी विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी नीतियों तथा प्रशासनिक निर्णयों की आधारशिला है।
कविन्द्र गुप्ता ने प्रदेशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे 1 जून से 15 जून के बीच स्व-गणना प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें।
राज्यपाल ने नागरिकों को स्व-गणना पूर्ण होने के उपरांत प्राप्त होने वाली स्व-गणना पहचान संख्या को सुरक्षित रखने का परामर्श दिया। अभियान के अगले चरण में 16 जून से 15 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित की जाएगी। स्व-गणना कर चुके लोगों द्वारा अपनी पहचान संख्या उपलब्ध करवाने से जनगणना कार्य अधिक सुगमता एवं दक्षता के साथ सम्पन्न हो सकेगा।
कविन्द्र गुप्ता ने सटीक एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने के महत्त्व पर बल देते हुए कहा कि प्रभावी प्रशासन और योजनाबद्ध विकास के लिए सही आंकड़ों का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं जनसांख्यिकीय आंकड़ों पर आधारित होती हैं। नागरिकों द्वारा सही जानकारी प्रदान करने से योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचाने तथा समाज के सभी वर्गों का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के बाद विकास की बदलती आवश्यकताओं और नई चुनौतियों को देखते हुए जनगणना-2027 से प्राप्त होने वाले आंकड़े राज्य एवं राष्ट्र के विकास के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर तथा उत्तराखंड जैसे पर्वतीय एवं दुर्गम राज्यों में समयबद्ध और प्रभावी आंकड़ा संकलन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्व-गणना अभियान को विशेष प्राथमिकता प्रदान की गई है।
राज्यपाल ने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान करते हुए कहा कि जन सहभागिता ही डिजिटल जनगणना अभियान की सफलता की कुंजी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासी इस महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़े हिमाचल प्रदेश के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेंगे।