विक्रमादित्य सिंह का विकास का दावा खोखला – केंद्र की योजनाओं का श्रेय लेने की होड़ : रणधीर 

हिम न्यूज़ शिमला। भाजपा नेता एवं विधायक रणधीर शर्मा ने लोक निर्माण मंत्री Vikramaditya Singh के हालिया बयानों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के मंत्री केवल श्रेय लेने की राजनीति कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की स्थिति बेहद कमजोर है। रणधीर शर्मा ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह द्वारा यह दावा करना कि प्रदेश में सड़क और अन्य विकास कार्य उनके प्रयासों से हुए हैं, पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का जिक्र किया जा रहा है, वे अधिकांशतः केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं, जैसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), केंद्रीय सड़क निधि (CRF) और अन्य केंद्रीय अनुदान।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मंत्री महोदय के प्रयासों से ही योजनाओं के लिए धन आ रहा है, तो फिर Revenue Deficit Grant (RDG) के मुद्दे पर वही प्रयास क्यों नहीं किए गए? उन्होंने कहा कि यह दोहरा मापदंड दर्शाता है कि सरकार केवल अपने राजनीतिक लाभ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है।रणधीर शर्मा ने कहा कि मंत्री के भाषण में तथ्यों से अधिक राजनीतिक आरोप और आत्मप्रशंसा थी। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस सरकार के पास न तो स्पष्ट नीति है और न ही विकास का कोई ठोस विजन।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के लिए धन की भारी कमी है। कई योजनाएं अधूरी पड़ी हैं और छोटी-छोटी परियोजनाओं के लिए भी धन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल विपरीत है। रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से चल रही योजनाओं का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है, जबकि दूसरी ओर केंद्र को ही दोषी ठहराने का प्रयास भी करती है। यह विरोधाभास सरकार की नीयत और नीति दोनों पर सवाल खड़ा करता है।

उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में प्रदेश के विकास के लिए गंभीरता होती, तो सरकार निवेश, उद्योग, पर्यटन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाती। लेकिन वर्तमान सरकार केवल बयानबाजी और राजनीतिक प्रचार तक सीमित है।

उन्होंने कहा कि “विक्रमादित्य सिंह और कांग्रेस सरकार को जनता को गुमराह करने के बजाय सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए। केवल श्रेय लेने से विकास नहीं होता, उसके लिए नीति, नीयत और परिणाम तीनों जरूरी होते हैं – जो इस सरकार में पूरी तरह गायब हैं।”