हिम न्यूज़ शिमला। भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण-मकान सूचीकरण और मकानों की गणना हेतु हिमाचल के डॉ. मनमोहन सिंह, हिमाचल लोक प्रशासन संस्थान शिमला में दिनांक 24.02.2026 से 27.02.2026 चार दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सभी जिलों से चयनित 20 मास्टर ट्रेनर तथा निदेशालय जनगणना कार्य, हिमाचल प्रदेश के 6 मास्टर ट्रेनर सम्मिलित हुए । प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सचिव-सह-नोडल अधिकारी हिमाचल प्रदेश सरकार राजेश शर्मा, भा.प्र.से. द्वारा किया गया । शुभारंभ समारोह में निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, दीप शिखा शर्मा, भा.व.से. तथा निदेशक डॉ.मनमोहन सिंह, हिमाचल के लोक प्रशासन संस्थान शिमला रूपाली ठाकुर, भा.प्र.से. उपस्थित रहे।

सचिव-सह-नोडल अधिकारी हिमाचल प्रदेश ने अपने सम्बोधन में भारत की जनगणना-2027 के सफल संचालन के लिए आयोजित राज्य एवं निदेशालय के अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपने सम्बोधन में कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशीला व एक महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें तथ्यों का व्यवस्थित एवं प्रामाणिक संकलन किया जाता है । उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना प्रशासन की विश्वसनीयता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा है । यदि आंकड़े अधूरे व त्रुटिपूर्ण होंगे तो विकास योजनाओं का लक्ष्य प्रभावित होगा ।
अंत में उन्होंने सभी उपस्थित अधिकारियों से निर्धारित कार्यों को तय सीमा के अनुरूप पूर्ण करने का आग्रह किया तथा इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी उपस्थित अधिकारियों व प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं दी । निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, हिमाचल प्रदेश ने उद्घाटन सत्र में जनगणना-2027 के प्रथम चरण के कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य, समय सीमा तथा जिम्मेदारियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की । उन्होंने बताया कि जनगणना-2027, भारत की पहली पूर्णत: डिजिटल जनगणना होगी तथा मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से डाटा संकलन किया जायेगा जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी होगी ।
भारत की जनगणना 10 वर्षों में एक बार की जाती है । वर्ष-2011 के बाद जनगणना वर्ष-2021 में की जानी थी हालांकि, कोविड-19 के कारण इसे नहीं किया जा सका । अब जनगणना-2027, दो चरणों में की जाएगी । प्रथम चरण-मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एच.एल.ओ.) को किसी भी प्रदेश द्वारा अप्रैल से सितम्बर, 2026 महीने के बीच किया जा सकता है और द्वितीय चरण की गणना फ़रवरी-2027 में किया जाना है, हालांकि हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए इसे सितम्बर, 2026 में किया जाएगा ।
हिमाचल प्रदेश में प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 12 मई, 2026 से 11 जून, 2026 में संचालित किया जायेगा । स्व-गणना पोर्टल पंद्रह दिन पहले सक्रिय हो जाएगा । स्व-गणना (Self enumeration) की सुविधा से जन भागीदारी बढ़ेगी और जनता का विश्वास ही जनगणना की सफलता का आधार है । स्व-गणना को पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें कि देश का कोई भी सामान्य नागरिक पोर्टल पर ‘लॉगिन’ (Login) करके अपनी जानकारी भर सकता है । तत्पश्चात उसे स्व-गणना आई.डी. (Self enumeration I.D.) दिया जायेगा, जिसे की प्रगणक, गणना के दौरान मिलान एवं सत्यापन कर अंतत: जमा करेगा ।
अंत में उन्होंने सभी से गंभीरता तथा प्रतिबद्धता के साथ इस राष्ट्रीय दायित्व का निर्वाह करने का आग्रह किया । उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान निदेशक डॉ मनमोहन सिंह, हिमाचल के लोक प्रशासन संस्थान शिमला ने भी अपने विचार रखे तथा सभी मास्टर ट्रेनरों को जिम्मेदारी से प्रशिक्षण ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया । आगामी दिनों में शेष सत्रों के माध्यम से सभी मास्टर ट्रेनरों को चरणबद्ध तरीके से व्यावहारिक मार्गदर्शन, नेशनल ट्रेनर पंकज कुमार सिन्हा, संयुक्त निदेशक व आशीष चौहान, संयुक्त निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रदान किया जायेगा । यह मास्टर ट्रेनर इसके बाद फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण देंगे जो कि अंतत: पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों को प्रशिक्षण देंगे । प्रगणक एवं पर्यवेक्षक जनगणना के कार्य को जमीनी स्तर पर HLO App (House Listing Mobile App) के जरिये पूरा करेंगे ।