हिम न्यूज़ शिमला। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलैक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड द्वारा जिला सोलन के कौशल विकास केन्द्र में चलाए जा रहे टी-मेट तथा सब स्टेशन हेल्पर प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बोर्ड लिमिटेड के अतिरिक्त निदेशक (लोक सम्पर्क) अनुराग पराशर ने प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के कर्मचारियों की कार्यकुशलता को और प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षिण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धा के युग में कर्मचारियों को अपनी दक्षता लगातार अधिक से अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कर्मचारियों विशेषकर फिल्ड कर्मचारियों से अपनी कार्यप्रणाली के दौरान स्वयं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा उपकरणों के साथ कार्य करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि विद्युत करंट से बचाव के तरिकों को जनता के साथ सांझा करें ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने कर्मचारियों से ईंज आफ डुईंग, सौर ऊर्जा और ग्रीन ऊर्जा से चलित वाहन के प्रचार करने का भी आहवाहन किया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को सही सुचना देना सभी विभागों के कर्मचारियों का कर्तव्य है और बोर्ड के कर्मचारी अपने कर्तव्य का निर्वहन बहुत अच्छे से कर रहे हैं।
अनुराग ने कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि बोर्ड के कर्मचारी प्रदेश के विद्युत् उपभोक्ताओं को कठिन परिस्थितयों में भी प्रभावी विद्युत आपूर्ति पहुंचाने का काम पूरी सफलता से कर रहे है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में कार्यालय कर्मचारियों व फील्ड स्टाॅफ का बहुत योगदान है। उन्होंने कर्मचारियों से विद्युत उपभोक्ताओं को उनके अधिकार व कर्तव्यों से जागरूक करने का आवाह्न किया।
उन्होंने आम जन-मानस को विद्युत सुरक्षा संबंधी नियमों के बारे में प्रशिक्षणार्थियों से जानकारी को सांझा करने का आग्रह भी किया। पराशर ने कहा कि बिजली और बिजली के उपकरणों के कामकाज के तरीकों तथा इसके उपयोग के बारे में अधिक जानकारी स्वयं को और स्वजनों को बिजली की सुरक्षा का सबसे अच्छा तरीका है।
उन्होंने कहा कि प्रमाणित विद्युत उपकरणों को ही बाजार से खरीद कर प्रयोग में लाएं। उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में हमें पेड़ और बिजली के खंभों के पास नहीं जाना चाहिए। आम तौर पर ग्रामीण इलाकों में लोग अपने पालतू जानवरों को घरों के नजदिक बिजली के खम्बों में बांध देते हैं जो कि एक लापवाही का कारण है और कभी भी दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा के प्रति सावधानी ही दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे बेहतर उपाय है। इस तरह की बैठकों का आयोजन नियामक आयोग के आदेशानुसार किया जा रहा है। इस अवसर पर बोर्ड के सहायक अभियन्ता ई. राजेंद्र कुमार शर्मा तथा कनिष्ठ अभियन्ता सुरेन्द्र पाल भी उपस्थित रहे।
इस बैठक के उपरान्त नियामक आयोग के निर्देशानुसार पब्लिक इंटरेक्श कार्यक्रम के तहत विद्युत मंडल सोलन में जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया।