हिम न्यूज़ शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को नए संस्थान खोलने और बंद करने का मामला फिर सदन में गूंजा। प्रश्नकाल के दौरान विधायक दलीप ठाकुर द्वारा उठाए गए इस सवाल के दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच कई बार नोक-झोंक हुई। उप मुख्यमंत्री ने विधायक दलीप ठाकुर के सवाल के जवाब में कहा कि पिछले एक साल में मौजूदा सरकार ने 126 नए संस्थान खोले गए हैं और अधिसूचित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नए संस्थान गुण दोष के आधार पर खोले जाते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थानों के लिए दी गई जमीनों को वापस करने का कोई विचार नहीं है। इसे सरकार अपने पास रिजर्व रखेगी ताकि भविष्य में इसका इस्तेमाल किया जा सके। इस सवाल के दौरान सदन में भारी शोरगुल हुआ और सदन में शोरगुल रहा। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया सदस्यों को शांत करते रहे।
इस बीच, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आज तक हिमाचल प्रदेश में जो सरकारें चुनी, वह काम करने के लिए चुनी, लेकिन अबकी बार जो सरकार चुनी, वह काम नहीं कर रही, बल्कि रोक रही है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट के गठन के बिना ही पूर्व सरकार के एक साल के दौरान खोले गए संस्थान बंद किए गए। उन्होंने कहा कि 1859 संस्थान बंद करने की जानकारी तो पिछले साल दी गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार को बने तीन साल हो रहे हैं और अभी भी संस्थान बंद करने और शिफ्ट करने का कार्य चल रहा है। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र सराज का के थुनाग स्थित बागवानी कालेज का मामला उठाया और कहा कि इसके लिए 205 बीघा जमीन की फॉरेस्ट क्लीयरेंस ली गई थी और पूर्व सरकार ने 10 करोड़ रुपए का बजट का प्रावधान भी किया था। टेंडर भी लगाए, लेकिन तब तक सरकार बदल गई।
उन्होंने कहा कि अब सरकार ने 10 करोड़ रुपए वापस ले लिया है और अभी उस संस्थान को कहीं और शिफ्ट कर दिया है। उन्होंने पूछा कि उस भवन का कार्य क्या शुरू किया जाएगा और बजट को क्या वापस दिया जाएगा। उन्होंने मंडी की मेडिकल यूनिवर्सिटी को सरकाघाट शिफ्ट करने और सरदार पटेल विवि का अधिकार क्षेत्र कम करने का भी मामला उठाया।