एआई समिट प्रकरण में मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका की हो स्वतंत्र जांच : संजीव कटवाल

हिम न्यूज़ शिमला। भाजपा प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल ने आज जारी बयान में एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से जुड़े घटनाक्रम पर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि 20 फरवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया अर्धनग्न प्रदर्शन न केवल दुर्भाग्यपूर्ण था, बल्कि राष्ट्र की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाने वाला कृत्य था।

कटवाल ने कहा कि इस समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भारत सरकार के आमंत्रण पर शामिल हुए थे। “यह आयोजन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि भारत सरकार का था। ऐसे में उस मंच पर किया गया प्रदर्शन देश की छवि को धूमिल करने वाला था,” उन्होंने कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका संदिग्ध है और इसकी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। “स्वयं मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के लिए हिमाचल सदन में कमरों की बुकिंग उनके कार्यालय से की गई। इससे स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका की जांच आवश्यक है,” कटवाल ने कहा।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भी सरकार ने परंपराओं की अनदेखी करते हुए राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाने के बजाय आरडीजी के मुद्दे पर राजनीतिक संकल्प लाया। उन्होंने कहा कि तीन दिन तक चर्चा कर प्रस्ताव पारित करने के बाद सदन स्थगित कर दिया गया, लेकिन दिल्ली जाकर न तो प्रधानमंत्री से मुलाकात की गई और न ही वित्त मंत्री से। इससे स्पष्ट है कि आरडीजी मुद्दे का उपयोग केवल राजनीतिक उद्देश्य से किया गया।

कटवाल ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल व्यक्तियों को सरकारी संरक्षण में हिमाचल लाया गया और जब दिल्ली पुलिस वैधानिक दस्तावेजों व न्यायालय की अनुमति के साथ कार्रवाई कर रही थी, तब उन्हें रोका गया। “यह संघीय ढांचे और संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए और यदि मुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो।

संजीव कटवाल ने कहा, “हिमाचल प्रदेश देवभूमि है, जहां देशभक्ति और शांति हमारी पहचान है। इस प्रदेश की गरिमा को राजनीतिक स्वार्थों के लिए दांव पर लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और सत्य सामने लाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।