हिम न्यूज़ धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफ़ारिशों को लागू करने में देश में अग्रणी विश्वविद्यालय है। विश्वविद्यालय में जब से राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 को लागू किया गया है तब से शिक्षा की गुणवत्ता में बहुत अधिक सुधार आया है।

वे मंगलवार को कुलपति सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। यह प्रेस वार्ता शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय़ शिक्षा नीति 2020 लागू होने के 3 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष रूप से आयोजित की गई थी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन के लिए बुकलेट के रूप में दिशानिर्देश विकसित करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय है जिसे 2021 में तत्कालीन राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश द्वारा जारी किया गया था।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विश्वविद्यालय में छात्रों के समग्र एवं चहुंमुखी विकास पर बल दिया जा रहा है, जिसमें रटने की बजाय अधिक अनुभव आधारित और क्रिया आधारित शिक्षा प्रणाली की दिशा में बल दिया जा रहा है। छात्रों को इंटर्नशिप के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जा रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा गाँवों को गोद लेकर शिक्षा को सामुदायिक विकास के साथ जोड़ कर सामुदायिक विकास में महत्वपूर्ण भुमिका निभाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा 29.07.2021 को उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रस्तावित किए जाने वाले शैक्षणिक कार्यक्रमों में बहुविध प्रवेश एवं बहिर्गमन प्रणाली (Multi Entry and Exit System) के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, जिन्हें विश्वविद्यालय में पूरी तरह से लागू किया गया चुका है। इसके अतिरिक्त 28.12.2021 को अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट पर जारी विनियमन के दिशानिर्देशों को भी विश्वविद्यालय में लागू किया जा चुका है।
एबीसी उच्च शिक्षा संस्थान के अकादमिक क्रेडिट डेटा बेस की एक डिजिटल या वर्चुअल स्टोर-हाउस इकाई है, जिसके हितधारक छात्र होंगे। विश्वविद्यालय के सभी 2200 विद्यार्थियों की अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट पोर्टल में आईडी जेनेरेट हो चुकी है। जिससे उन्हें अब अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट तथा नेशनल अकेडमिक डिपोजिटरी का लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अब विद्यार्थी डिजीलॉकर के माध्यम से कहीं भी डिग्री प्रिंट करवा सकते हैं और अपने सभी सर्टिफिकेट्स को सुरक्षित रख सकते हैं। विश्वविद्यालय में 10.04.2023 को जारी नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (एनसीआरएफ) को भी लागू किया जा चुका है। यह अकादमिक ग्रेड, कौशल कार्यक्रम और प्रासंगिक अनुभव से क्रेडिट संचय के लिए रूपरेखा प्रदान करता है।
इसके अलावा विश्वविद्यालय में क्रमश: दिनांक 11.05.2023 को जारी राष्ट्रीय उच्च शिक्षा योग्यता फ्रेमवर्क, 02.09.2022 को जारी उच्च शिक्षा संस्थानों को बहुविषयक संस्थानों में बदलने के लिए दिशा-निर्देशों, 13.04.2022 को जारी दो शैक्षणिक कार्यक्रमों को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देशों तथा 12.12.2022 को जारी स्नातक कार्यक्रमों के लिए पाठ्यक्रम और क्रेडिट फ्रेमवर्क के लिए दिशा-निर्देशों को लागू किया जा चुका है।
विश्वविद्यालय में पीएचडी डिग्री प्रदान करने के लिए न्यूनतम मानक और प्रक्रियाएं विनियम, 2022 को लागू किया जा चुका है। यह शोधार्थियों को अच्छी तरह से प्रशिक्षित शोधकर्ता और जिज्ञासु खोजकर्ता बनने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु बनाए गए हैं।
उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा को शामिल करने के लिए 13.06.2023 को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिन्हें विश्वविद्यालय में लागू किया गया है। जिसके अंतर्गत भारतीय भाषाओं, कला और संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रशासन के लिए प्रौद्योगिकी सक्षम एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरआर) आधारित समाधानों को अपनाया है, जिसके अंतर्गत स्मार्ट ऑटोमेशन इंजन (समर्थ) को लागू किया गया है, जो कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रायोजित एक आईसीटी पहल है। विश्वविद्यालय ने 13 भाषाओं में आयोजित सीयूसेट प्रवेश परीक्षा में भाग लिया है।
अध्ययन कार्यक्रम के सभी पाठ्यक्रमों में 50% तक सिद्धांत (थ्योरी) और 50% तक प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) को लागू किया गया है। इस मौके पर कुलपति के साथ अधिष्ठाता अकादमिक प्रो. प्रदीप कुमार, कुलसचिव प्रो. विशाल सूद, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुमन शर्मा और प्रोक्टर प्रो. सुनील ठाकुर मौजूद रहे।
गौरतलब है कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 29 जुलाई 2023 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रधान मंत्री द्वारा 29.07.2023 को भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ), प्रगति मैदान, नई दिल्ली के प्लेनरी हॉल में किया जाएगा।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 2020 और इसके कार्यान्वयन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा, विचार-विमर्श और अंतर्दृष्टि साझा करने का अवसर प्रदान करेगा।
विश्वविद्यालय को मिलेगा अच्छा ग्रेड – प्रो. बंसल
इस मौके पर कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने कहा कि बीते दिनों केंद्रीय विश्वविद्यालय के दौरे पर आई नैक की टीम विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से काफी प्रभावित हुई और कुलपति महोदय ने इस बार विश्वविद्यालय को बहुत अच्छा ग्रेड मिलने की उम्मीद जताई है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को अच्छा ग्रेड मिलता है तो निश्चित रूप से आने वाले समय में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे।
इसके अतिरिक्त कुलपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के बारे में अवगत कराया।