हमीरपुर का क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात प्रदेश में सबसे कम होने पर सांसद ने जताई गंभीर चिंता

हिम न्यूज़ हमीरपुर। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित हमीर भवन में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) एवं जिला परामर्श समिति (DCC) की बैठक में भाग लिया। यह बैठक दिसंबर 2025 तिमाही की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी। बैठक का आयोजन लीड बैंक पंजाब नेशनल बैंक द्वारा उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौर की अध्यक्षता में किया गया। इससे पूर्व क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) अनुपात पर विशेष उप-समिति की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी तथा जिले में कार्यरत सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हमीरपुर जिले के क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 तिमाही के अंत तक हमीरपुर का CD अनुपात मात्र 23.39 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय मानक 60 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश के औसत 51.09 प्रतिशत से काफी कम है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से हमीरपुर जिला प्रदेश में सबसे कम CD अनुपात वाला जिला बना हुआ है और यह आंकड़ा लगातार 22 से 25 प्रतिशत के बीच ही सीमित रहा है।

सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर की जनता अपने परिश्रम की कमाई बैंकों में जमा करती है और यह बैंकों की जिम्मेदारी है कि यह धन ऋण और अवसर के रूप में वापस जनता तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि 23 प्रतिशत का CD अनुपात स्वीकार्य नहीं है, इसका अर्थ है कि हमीरपुर में जमा किए गए प्रत्येक 100 रुपये में से केवल लगभग 23 रुपये ही ऋण के रूप में वापस दिए जा रहे हैं, जिसे बदलना आवश्यक है।

सांसद अनुराग ठाकुर ने लीड बैंक और सभी जिला समन्वय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बैंकवार कार्य योजना तैयार कर प्रत्येक तिमाही के लिए मापनीय लक्ष्य निर्धारित करें, ताकि जिले में ऋण वितरण को बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि आगामी बैठकों में इस विषय की विशेष समीक्षा की जाएगी और CD अनुपात को बढ़ाकर कम से कम 35 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बैठक के दौरान सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार की विभिन्न ऋण आधारित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) तथा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बैंकों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में मुद्रा ऋण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे सूक्ष्म उद्यमियों, छोटे व्यापारियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को सशक्त बनाया जा सके।

सांसद ठाकुर ने जिला प्रशासन को हमीरपुर जिले में स्वयं सहायता समूहों की पहुंच पर अध्ययन करवाने तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘लखपति दीदी योजना’ सहित अन्य कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं केवल कागजों तक सीमित सरकारी योजनाएं नहीं हैं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की जनता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी जिले की आकांक्षाओं के साथ अन्याय के समान है। उन्होंने बैंकों से आह्वान किया कि प्रत्येक पात्र आवेदक को प्राथमिकता दी जाए और कोई भी वास्तविक लाभार्थी इन योजनाओं से वंचित न रहे।

बैठक में सांसद अनुराग ठाकुर ने बमसन, सुजानपुर, नादौन, बिझड़ी, गैलोर और बरसर सहित विभिन्न क्षेत्रों में नई बैंक शाखाएं खोलने से संबंधित लंबित प्रस्तावों की भी समीक्षा की। उन्होंने लीड बैंक को इन प्रस्तावों के लिए व्यवहार्यता सर्वेक्षण एवं स्वीकृति प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।