हिम न्यूज़ शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल ने प्रदेश सरकार द्वारा आउटसोर्स सेवाओं को लेकर जारी संशोधित निर्देशों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार रोजगार सृजित करने के बजाय युवाओं के रोजगार के अवसर लगातार समाप्त कर रही है।

कटवाल ने कहा कि 11 जून 2026 को वित्त विभाग द्वारा जारी संशोधित निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि वित्त विभाग की पूर्व स्वीकृति के बिना कोई नई आउटसोर्स सेवा नहीं ली जा सकेगी तथा आउटसोर्स व्यवस्था केवल अस्थायी एवं सीमित आवश्यकता तक ही रहेगी। इससे आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से कार्य कर रहे हजारों युवाओं के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा गए हैं।
उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार (2017–2022) ने युवाओं को रोजगार देना अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया। भाजपा सरकार के कार्यकाल में विभिन्न विभागों में 30,000 से अधिक सरकारी भर्तियां पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से की गईं, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिला और उनके भविष्य को नई दिशा मिली।
इसके विपरीत कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विभिन्न विभागों के हजारों पद आज भी रिक्त पड़े हैं, लेकिन उन्हें भरने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। सरकार स्वयं विधानसभा में स्वीकार कर चुकी है कि प्रदेश में 1,800 से अधिक सरकारी संस्थानों को बंद, डिनोटिफाई या मर्ज किया गया है, जिससे रोजगार के अवसर भी कम हुए हैं। अब आउटसोर्स सेवाओं पर भी कड़े प्रतिबंध लगाकर सरकार युवाओं के लिए उपलब्ध सीमित अवसरों को भी समाप्त कर रही है।
संजीव कटवाल ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के समय हर वर्ष एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन ढाई वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्रदेश का युवा आज भी भर्ती विज्ञापनों और नियुक्ति पत्रों का इंतजार कर रहा है। न नियमित भर्ती कैलेंडर जारी किया गया और न ही रिक्त पदों को भरने की दिशा में कोई गंभीर प्रयास दिखाई देता है।
- कटवाल ने कांग्रेस सरकार से सवाल पूछे—
- चुनावी वादे के अनुसार अब तक कितनी सरकारी नौकरियां दी गईं?
- विभिन्न विभागों में रिक्त हजारों नियमित पदों पर भर्ती कब शुरू होगी?
- यदि आउटसोर्स सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, तो प्रदेश के युवाओं को रोजगार किस माध्यम से मिलेगा?
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के युवाओं के हितों की आवाज़ बुलंद करती रहेगी। प्रदेश का युवा झूठे वादे नहीं, बल्कि पारदर्शी भर्ती, समयबद्ध नियुक्तियां और स्थायी रोजगार चाहता है। कांग्रेस सरकार को रोजगार विरोधी नीतियां छोड़कर तत्काल सभी रिक्त पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए, ताकि प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।