हिम न्यूज़ धर्मशाला। भारतीय विश्वविद्यालय संघ एवं हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अखिल भारतीय इंटर जोनल महिला कबड्डी चार दिवसीय प्रतियोगिता का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर तथा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं ध्वजारोहण कर किया। इसके उपरांत मुख्य अतिथि एवं कुलपति द्वारा मशाल प्रज्वलित कर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया गया।

उद्घाटन समारोह में कांगड़ा सांसद राजीव भारद्वाज, धर्मशाला विधायक सुधीर शर्मा, विधायक विपिन सिंह परमार, कांगड़ा विधायक पवन काजल तथा भारतीय विश्वविद्यालय संघ के ऑब्जर्वर डॉ. श्याम सिंह मंचासीन रहे। इस अवसर पर कई स्टार खिलाड़ी भी उपस्थित रहे, जिनमें हरियाणा के अर्जुन अवॉर्डी एवं भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के कप्तान दीपक हुड्डा, बैडमिंटन खिलाड़ी ललिता शर्मा, कबड्डी टीम की पूर्व कप्तान पूजा ठाकुर, वर्ल्ड कप चैंपियन 2025 चंपा ठाकुर, भावना ठाकुर तथा ज्योति ठाकुर शामिल रहीं।
कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश, धर्मशाला को छठी बार अखिल भारतीय इंटर जोनल कबड्डी प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है, जो अत्यंत हर्ष और प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल कबड्डी खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम भी है। हिमाचल प्रदेश की छह बेटियाँ देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं, जिनका उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी किया है। विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं सर्वांगीण विकास पर भी विशेष जोर देता है। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में देशभर से 224 महिला खिलाड़ी भाग लेने पहुँची हैं, जो अत्यंत गर्व और आनंद का विषय है।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि व्यक्ति लक्ष्य निर्धारित कर ले, तो उसे मेहनत से प्राप्त किया जा सकता है। सफलता आनंद देती है, जबकि विफलता संघर्ष का मार्ग प्रशस्त करती है। खेल में जीत-हार स्वाभाविक है, लेकिन हार के बाद रुकना नहीं चाहिए। जुनून और निरंतर प्रयास से सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने देश की बढ़ती आर्थिक शक्ति एवं 2047 तक विकसित भारत के विज़न का भी उल्लेख किया।
अर्जुन अवॉर्डी एवं भारतीय कबड्डी टीम के कप्तान दीपक हुड्डा ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्होंने बचपन से ही अनेक कठिनाइयों और संघर्षों का सामना किया है, लेकिन कभी भी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी युवा अपने सपनों को साकार कर सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते रहें, सफलता अवश्य मिलेगी। पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पूजा ठाकुर ने कहा कि इसी मैदान से 4–5 खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो गर्व की बात है।
ललिता शर्मा ने कहा कि उन्होंने धर्मशाला के साई ग्राउंड में एक ऐसे खेल वातावरण का सपना देखा था, जहाँ सभी खेलें और विशेष रूप से लड़कियों को खेलने के समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि आज उनका यह सपना साकार होता दिखाई दे रहा है, जिससे उन्हें अत्यंत खुशी और गर्व की अनुभूति हो रही है।
कांगड़ा सांसद राजीव भारद्वाज ने खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही बेटियों की सराहना की और कहा कि खेल में अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। धर्मशाला विधायक सुधीर शर्मा ने धर्मशाला को स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई खेलो इंडिया जैसी योजनाओं ने खेलों को नई दिशा दी है। हिमाचल की बेटियाँ प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं, जो गर्व की बात है।कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के खेल न्यूज़ लेटर एवं वार्षिक टेबल कैलेंडर का भी विमोचन किया गया।
15 टीमें ले रहीं हिस्सा
चार जोन—नॉर्थ, वेस्ट, ईस्ट और साउथ जोन—से देशभर की 15 विश्वविद्यालय टीमें प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं। इनमें लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय जालंधर, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र, गुरु काशी विश्वविद्यालय पंजाब, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय मोहाली, भारती विद्यापीठ विश्वविद्यालय पुणे, कवि कुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय रामटेक, राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय, कोटा विश्वविद्यालय कोटा, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर, डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय कोटा-बिलासपुर, एल.एन. मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर, पेरियार विश्वविद्यालय सलेम, भारतीयर विश्वविद्यालय कोयंबटूर तथा विनायक मिशन रिसर्च फाउंडेशन सलेम शामिल हैं।