उदयपुर-किलाड़ सड़क के पक्कीकरण से पांगी घाटी के विकास को मिलेगी नई गति, यात्रा समय घटकर होगा लगभग दो घंटे — हर्ष महाजन

हिम न्यूज़, शिमला। राज्यसभा सांसद  हर्ष महाजन ने आज सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के मुख्य अभियंता श्री राजीव कुमार से शिष्टाचार भेंट कर हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं एवं आधारभूत ढांचे के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

 

बैठक के दौरान उदयपुर से किलाड़ तक सड़क के पक्कीकरण कार्य को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। श्री हर्ष महाजन ने कहा कि यह परियोजना पांगी घाटी के लिए जीवन रेखा सिद्ध होगी। सड़क के निर्माण एवं पक्कीकरण के उपरांत उदयपुर से किलाड़ तक की यात्रा लगभग दो घंटे में पूरी की जा सकेगी, जिससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही पांगी घाटी के निवासियों के लिए कुल्लू एवं अन्य क्षेत्रों तक पहुंच और अधिक सुगम एवं सुविधाजनक हो जाएगी।

 

उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन, व्यापार, कृषि एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में इस परियोजना की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

 

बैठक में चम्बा-पांगी सड़क मार्ग की वर्तमान स्थिति तथा इसके उन्नयन कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बीआरओ के मुख्य अभियंता  राजीव कुमार ने सांसद को आश्वस्त किया कि इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के लिए संगठन हर संभव प्रयास कर रहा है तथा निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएगी।

 

इस अवसर पर बीआरओ की ओर से बताया गया कि संगठन का वार्षिक बजट लगभग 800 करोड़ रुपये है। श्री हर्ष महाजन ने कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इससे सीमावर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत करने में बड़ी सहायता मिलेगी। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने और प्रदेश के संतुलित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

 

महाजन ने बीआरओ द्वारा प्रदेश में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क न केवल लोगों के जीवन को आसान बनाएगा बल्कि सुरक्षा, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार और बीआरओ के संयुक्त प्रयासों से हिमाचल प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की गति और अधिक तेज होगी।