एस एफ आई शिमला जिला कमेटी का 39 वां वार्षिक सम्मेलन कामयाब

हिम न्यूज़ शिमला: जिला शिमला जिला कमेटी का दो दिवसीय 39वाँ वार्षिक सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में जिला के 22 महाविद्यालयों और 10 स्कूलों से 180 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। एस एफ आई शिमला जिला के 39 वें वार्षिक सम्मेलन में विवेक नेहरा को अध्यक्ष व पवन कुमार को जिला सचिव के रूप में निर्वाचित किया गया। सम्मेलन ने 47 सदस्य जिला कमेटी का चुनाव किया गया। कमेटी ने 16 सदस्य सचिमंडल प्रवेश, अंशुल, कृतिका, पूजा, तिलक राज, रेणुका, विवेक, प्रियंका, हिमांशु, मेहक, वंशिका, मृदुल, कुशल राणा, अक्षित का चुनाव किया गया।
सम्मेलन का औपचारिक स्वागत भाषण SFI के पूर्व छात्र नेता कामरेड संदीप वर्मा ने दिया। उन्होंने जिला भर से आए सभी प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और वर्तमान राजनीतिक एवं शैक्षणिक परिस्थितियों में इस सम्मेलन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब देश और प्रदेश में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं और शिक्षा को व्यापार की वस्तु बनाया जा रहा है। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में फीस वृद्धि के कारण शिक्षा छात्रों की पहुँच से दूर होती जा रही है। ऐसे में छात्रों के मुद्दों को उठाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और छात्र आंदोलन को मजबूत करने के लिए इस सम्मेलन की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में SFI हिमाचल प्रदेश के सहसचिव कामरेड कमल शर्मा ने छात्रों को अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर हो रहे राजनीतिक एवं आर्थिक बदलावों से अवगत करवाया। अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर बात रखते हुए उन्होंने कहा कि आज पूंजीवादी व्यवस्था के कारण कई देश आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और दुनिया में पूंजीवाद तथा समाजवाद की विचारधाराओं के बीच संघर्ष जारी है। राष्ट्रीय स्थिति पर बात रखते हुए उन्होंने कहा कि 2014 में भाजपा-RSS की सरकार आने के बाद से देश में लोकतंत्र और संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं। RSS अपने राजनीतिक एजेंडे को लागू करने के लिए भाजपा का इस्तेमाल कर रही है। देश में जातिवाद, धार्मिक सांप्रदायिकता और महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। वही जनता को महंगाई, बेरोजगारी और अन्य बुनियादी मुद्दों से भटकाने के लिए अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है तथा संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग से डर का माहौल बनाया जा रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी लगातार बदलाव हो रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), फीस वृद्धि, पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी जैसी समस्याएँ युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण शिक्षा की गुणवत्ता और समान अवसरों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। NEP के संदर्भ में उन्होंने बताया कि देशभर में 96,000 और हिमाचल प्रदेश में 1,400 से अधिक स्कूल बंद किए जा चुके हैं। साथ ही उन्होंने भाजपा और RSS की मनुवादी सोच की आलोचना करते हुए महिलाओं और छात्राओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा तथा यौन उत्पीड़न की घटनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार के दौर में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। हिमाचल प्रदेश की स्थिति पर बात रखते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को स्थायी रोजगार देने के बजाय पशु मित्र, वन मित्र और बिजली मित्र जैसी अस्थायी रोजगार योजनाओं तक सीमित रखा जा रहा है। प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा से जुड़ी समस्याएं युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं। इन परिस्थितियों में छात्रों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने छात्रों से अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और प्रदेश की राजनीतिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को समझने तथा छात्र हितों, लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक समानता की रक्षा के लिए सक्रिय रूप से संघर्ष करने का आह्वान किया।
सम्मेलन में SCA चुनाव बहाली, सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020), PTA फीस, GSCASH कमेटी के गठन और देश के लोकतंत्र पर हो रहे हमलों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रस्ताव रखे गए। इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए छात्रों के बीच राजनीतिक समझ विकसित की गई और आगामी संघर्षों की दिशा तय की गई।

नव निर्वाचित सचिव कॉमरेड पवन ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश में बड़ी फीस वृद्धि के खिलाफ, PTA फीस की लूट के विरोध व छात्रों की मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन मजबूत किया जाएगा तथा जिला भर में संगठन को मजबूत किया जाएगा। सम्मेलन के समापन भाषण में एस एफ आई शिमला जिला के नव निर्वाचित अध्यक्ष विवेक नेहरा ने कहा कि सम्मेलन केवल आयोजकों का औपचारिकता मंच नहीं होता है बल्कि यह एक साल के राजनीतिक व संगठनात्मक परिस्थितियों का ठोस विश्लेषण होता है और भविष्य में छात्र आंदोलन को मजबूत बनाने की कार्य नीति होती है। आने वाले समय में नव निर्वाचित कमेटी शिमला जिला में छात्र आंदोलन को मजबूत करेंगी।