हिम न्यूज़, सुंदरनगर। हिमाचल प्रदेश वन अकादमी सुंदरनगर में तीन दिवसीय रिफ्रेशर ट्रेनिंग प्रोग्राम के दूसरे चरण का आगाज सोमवार को हुआ, जो 30 सितंबर तक चलेगा। जिसमें प्रदेश के जाइका वानिकी परियोजना के 10 वन मंडलों के एसएमएस और एफटीयू को-ऑर्डिनेटर्स भाग ले रहे हैं। सत्र के पहले दिन वन बल प्रमुख एवं मुख्य परियोजना निदेशक डा. संजय सूद और परियोजना निदेशक अनिकेत एम. वानवे ऑनलाइन जुड़े और प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने यहां उपस्थित एसएमएस और एफटीयू को-ऑर्डिनेटर्स को कार्यशैली में तेजी लाने के लिए उन्हें रिचार्ज किया। डा. संजय सूद ने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना प्रदेश में बेहतरीन कार्य कर रही है, जिसकी सराहना प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत आय सृजन के लिए 26 मॉडल तैयार किए हैं, जिसे बढ़ाने की जरूरत है। डा. संजय सूद ने कहा कि बेहतरीन कार्य करने वाले एसएमएस और एफटीयू को-ऑर्डिनेटर्स को प्रोत्साहित करेंगे। उन्होंने सभी एसएमएस और एफटीयू को-आर्डिनेटर्स को हर माह टूअर डायरी तैयार करने के सख्त निर्देश दिए। इस अवसर पर शिमला से ऑनलाइल जुड़े परियोजना निदेशक अनिकेत एम. वानवे ने प्रतिनिधियों को अच्छे कार्य करने की दिशा में बेहतरीन सुझाव दिए।
रिफ्रेशर ट्रेनिंग प्रोग्राम के पहले सत्र में आईएफएस अधिकारी एवं डीपीओ आईडीपी ऊना सुशील राणा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने सामुदायिक गतिशील नेतृत्व, विवाद और समाधान विषय पर विस्तार से प्रस्तुति दी। हिमाचल प्रदेश वन अकादमी के निदेशक सुभाष पराशर ने कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़ने के लिए वन बल प्रमुख डा. संजय सूद और परियोजना निदेशक अनिकेत एम. वानवे का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को संवोधित करते हुए सुभाष पराशर ने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना ने जैव विविधता, वन संरक्षण और आजीविका सुधार के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रही है।
रिटायर्ड एचपीएफएस वीपी पठानिया ने वानिकी आधारित पौधरोपण से उद्यम पर आधारित विषय पर विस्तार से प्रस्तुति दी। जाइका वानिकी परियोजना के प्रोग्राम मैनेजर विनोद शर्मा ने आजीविका हस्तक्षेप पर विस्तार से विश्लेषण किया। खंड विकास अधिकारी कार्यालय से एरिया को-ऑर्डिनेटर किशोरी लाल और प्रोग्राम मैनेजर मॉनिटरिंग डा. मनोहर लाल ठाकुर ने सहभागिता वन प्रबंधन पर वकत्व्य दिया।