Breaking
चुनावों के लिये भाजपा नेताओं के पास कोई मुद्दा नही : संजय अवस्थी         मतदाता पहचान पत्र न होने पर वैकल्पिक दस्तावेज के साथ कर सकते हैं मतदान - उपायुक्त         कांगड़ा जिला में चार स्थान मतगणना के लिए प्रस्तावित - डीसी         कंगना की टिकट घोषित होने से कांग्रेस के सभी नेता परेशान : बिहारी लाल         आपदा के पैसे को लूटने का काम कांग्रेस ने किया : कंगना         नये वोटरों को किया जागरूक         न्याय पत्र में कांग्रेस पार्टी ने ओल्ड पेंशन स्कीम पर चुप्पी साधी : सहजल         राज्यपाल ने प्रदेश की प्रगति में योगदान देने वाले हाई फ्लायर्स को सम्मानित किया         उपायुक्त ने बल्ह विधानसभा के चार पोलिंग बूथों का किया निरीक्षण         पारंपरिक मेलों की तरह लोकतंत्र के पर्व में भी जरूर लें हिस्सा: डीसी         100 कि.मी. के ट्रेल में धावक 30 पंचायतों में देंगे मतदान के महत्व की जानकारी         9 उपचुनावों के लिए बिंदल ने तैनात किए चुनाव प्रभारी से प्रभारी और सहयोगी          हिमाचल को मोदी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बनाया आत्मनिर्भर: अनुराग ठाकुर         स्व. बाबूराम की याद में लांच किया कैलेंडर         बसोआ पर्व के मौके पर यूनिवर्सिटी परिसर में किया गया खीर व पिंदड़ी वितरण         मुख्यमंत्री के कारण बिगड़ा सरकार का गणित : बलबीर वर्मा         एसडीएम ने जारी किया स्थानीय भाषा में तैयार मतदाता प्रेेरक साॅन्ग         वोटर कार्ड नहीं है तो वैकल्पिक दस्तावेज के साथ करें मतदान: डीसी         प्रदेश की भावी राजनीति की दिशा व दशा तय करेंगे यह चुनाव परिणाम : प्रतिभा सिंह         हमीरपुर के तीनों न्यायिक परिसरों में 11 मई को लगेंगी लोक अदालतें

कोई भी होटल या रेस्तरां खाद्य बिल में स्वतः या गलती से सेवा शुल्क नहीं लगा सकता: उपभोक्ता कार्य मंत्रालय

हिम न्यूज़, दिल्ली-  केन्‍‍द्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने होटलों और रेस्तरां में सेवा शुल्क लगाने के संबंध में अनुचित व्यापार कार्य प्रणालियों और उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सीसीपीए द्वारा जारी दिशा-निर्देश निर्धारित करते हैं कि होटल या रेस्तरां भोजन बिल में स्वचालित रूप से या गलती से सेवा शुल्क नहीं जोड़ेंगे। किसी अन्य नाम से सेवा शुल्क नहीं लिया जा सकता। कोई भी होटल या रेस्तरां उपभोक्ता को सेवा शुल्क का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं करेगा और उपभोक्‍‍ता को स्‍‍पष्‍‍ट तौर पर बताएगा कि सेवा शुल्क ऐच्छिक, वैकल्पिक और उपभोक्ता का अधिकार है। सेवा शुल्क के संग्रह के आधार पर सेवाओं के प्रवेश या प्रावधान पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। सेवा शुल्क को भोजन के बिल के साथ जोड़कर और कुल राशि पर जीएसटी लगाकर एकत्र नहीं किया जाएगा। दिशा-निर्देशों को लिंक पर क्लिक करके देखा जा सकता है।

यदि कोई उपभोक्ता को यह पाता है कि कोई होटल या रेस्तरां दिशा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए सेवा शुल्क लगा रहा है, तो उपभोक्ता संबंधित होटल या रेस्तरां से सेवा शुल्क को बिल राशि से हटाने का अनुरोध कर सकता है। साथ ही, उपभोक्ता राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) 1915 पर कॉल करके या एनसीएच मोबाइल ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकता है, जो मुकदमा पूर्व-स्तर पर वैकल्पिक विवाद निपटारा तंत्र के रूप में काम करती है।

उपभोक्ता अनुचित व्यापार कार्य प्रणाली के खिलाफ करें उपभोक्ता आयोग में शिकायत

उपभोक्ता अनुचित व्यापार कार्य प्रणाली के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत भी दर्ज करा सकता है। त्वरित और प्रभावी तरीके से निपटाने के लिए ई-दाखिल पोर्टल www.e-daakhil.nic.in  के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। साथ ही उपभोक्‍‍ता जांच और सीसीपीए द्वारा आगे की कार्यवाही के लिए सम्‍‍बद्ध जिले के जिला कलेक्‍‍टर को शिकायत दर्ज करा सकता है। सीसीपीए को शिकायत ई-मेल com-ccpa@nic.in. पर भेजी जा सकती है।

सेवा शुल्क लगाने के संबंध में उपभोक्ताओं द्वारा राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) में कई शिकायतें दर्ज की गई हैं। उपभोक्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों में रेस्तरां में सेवा शुल्क को अनिवार्य बनाना और इसे गलती से बिल में जोड़ना, इस बात को छिपाना कि इस तरह के शुल्क का भुगतान वैकल्पिक और स्वैच्छिक है और यदि उपभोक्ता सेवा शुल्क का भुगतान करने का विरोध करते हैं तो उन्‍‍हें शर्मिंदा करना।

उपभोक्ता आयोगों द्वारा उपभोक्ताओं के पक्ष में सेवा शुल्क लगाने से संबंधित विभिन्न मामलों का निर्णय भी किया गया है, इसे एक अनुचित व्यापार कार्य प्रणाली के रूप में और उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन के रूप में माना गया है।