छात्रों के सर्वांगीण विकास, छात्रावास सुदृढ़ीकरण, भर्ती व शैक्षणिक सुधारों पर दिए निर्देश

हिम न्यूज़ शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज यहां शिक्षा विभाग की एक विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सह-पाठ्य गतिविधियों को समान महत्व दिया जाना चाहिए। शिक्षा मंत्री ने छात्रावासों को प्राथमिकता बताते हुए उनके सुदृढ़ीकरण के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।

उन्होंने विशेष रूप से माजरा स्थित छात्रावास की स्थिति का उल्लेख करते हुए वहां आ रही समस्याओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्होंने आधारभूत ढांचे में सुधार, बेहतर आवास व भोजन व्यवस्था, संतुलित आहार, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुचारू परिवहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रशिक्षकों से जुड़े मुद्दों जैसे उपलब्धता, सहयोग प्रणाली, कार्य परिस्थितियां और समय पर तैनाती को शीघ्र सुलझाने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। विद्यालयों और महाविद्यालयों में छिपी प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अकादमिक व अन्य आवश्यक सहयोग दिया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रशिक्षण में से किसी एक को चुनने की मजबूरी न हो। इसके लिए शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में एसएमसी/कंप्यूटर शिक्षक एलडीआर तथा पीजीटी/डीपीई एलडीआर मामलों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने 22 फरवरी को एलडीआर आयोजित करने और सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। सहायक प्राध्यापकों की भर्ती से जुड़े प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई और इन्हें शीघ्र हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए।

विद्यालयों और महाविद्यालयों के विलय एवं एकीकरण से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे सभी निर्णय छात्रों के हित में, उनकी पहुंच, सुरक्षा, शैक्षणिक निरंतरता और सीखने के परिणामों को ध्यान में रखकर ही लिए जाएं। विलय या युक्तिकरण से प्रभावित विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधाएं तेजी से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

शैक्षणिक सुधारों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने आगामी सत्र से विद्यालयों में बागवानी और वानिकी को वैकल्पिक विषय के रूप में शुरू करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा। टैबलेट वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए शेष टैबलेट शीघ्र वितरित करने के निर्देश दिए गए, ताकि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।

चार वर्षीय बी.एड., बी.पी.एड. और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को अधिसूचना के बाद महाविद्यालयों में शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से ये पाठ्यक्रम संचालित हो सकें। एनटीटी शिक्षकों की भर्ती के संबंध में उन्होंने सभी पात्र चयनित अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति पत्र जारी करने तथा शेष रिक्त पदों को वैकल्पिक व त्वरित माध्यमों से भरने के निर्देश दिए।

अन्य निर्देशों में महाविद्यालय रैंकिंग के लिए समय-सीमा तय करना, पूर्व घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा, उप निदेशकों की बैठक की तिथि तय करना और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना शामिल रहा। शिक्षा मंत्री ने आगामी बजट सत्र के लिए विस्तृत प्रस्ताव और सुझाव प्रस्तुत करने को भी कहा, जिसमें छात्रावासों, आधारभूत ढांचे, प्रशिक्षण सहयोग, प्रतिभा विकास कार्यक्रमों, शैक्षणिक सुविधाओं और छात्र कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक में सचिव शिक्षा राकेश कंवर, परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा राजेश शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा अमरजीत, निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।