हिम न्यूज़, करसोग: सहायक आयुक्त विकास एवं बीडीओ करसोग अमित कल्थाईक ने आज यहां बताया कि सर्दी के मौसम में होने वाली आग की घटनाओं को सर्तकता व सावधानी बरतने से ही रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में आग की घटनाएं होने से लोगों को जानमाल का नुकसान भी उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आग की घटनाओं से होने वाले नुकसान को सर्तकता व सावधानी बरतने से ही कम किया जा सकता है।
ज्वलनशील पदार्थो का भंडारण न करे
सहायक आयुक्त विकास एवं बीडीओ करसोग ने क्षेत्र के लोगों से आग्रह किया कि घरों के अंदर लकड़ी व अन्य ज्वलनशील पदार्थो का जरूरत से ज्यादा भंडारण न किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को घर के आस-पास घास इत्यादी का ज्यादा भंडारण नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जरूरी होने पर घास के ढे़र की ऊंचाई 6 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए और घास के ढे़र का कुल वजन लगभग 20 टन से अधिक नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक होने पर ही घास को रिहायशी मकान के आस-पास रखे, जिसकी दूरी भी 20 मीटर से अधिक होनी चाहिए।
माचिस आदि को रखे, छोटे बच्चों की पहुंच से दूर
आग की घटना से बचाव के दृष्टिगत घर में माचिस आदि को भी छोटे बच्चों की पहुंच से दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी आप घर से बाहर जाए तब और रात को सोने से पूर्व लकड़ी के चूल्हे की आग पूर्ण रूप से बुझा लेनी चाहिए। खाना बनाने के लिए एलपीजी का प्रयोेग करते है तो खाना बनाने के तुरंत बाद एलपीजी चूल्हें की नोब को बंद कर गैस को रेगुलेटर से बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोयले की गैस लगने के कारण भी किसी व्यक्ति की जान जा सकती है, इसलिए कोयले की अंगीठी का इस्तेमाल करते समय पूरी तरह से सर्तक रहे और जिस भी कमरे में अंगीठी का इस्तेमाल किया जा रहा हो, उस कमरे के दरवाजे व खिड़कियां पूरी तरह से बंद नहीं की जानी चाहिए ताकि कमरे के अंदर गैस एकत्र न हो सके।
एक साॅकेट से एक से ज्यादा बिजली उपकरण न करे प्रयोग
अमित कल्थाईक ने लोगों को आग की घटनाओं से बचाव के संबंध में जागरूक करते हुए कहा कि घर में बिजली के एक प्वांईट या साॅकेट से केवल एक ही बिजली के उपकरण का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यदि एक से ज्यादा उपकरणों का प्रयोग करेंगे तो ऐसी स्थिति में बिजली का लोड बढ़ जाने से आग लगने की संभावना रहती है। जिससे नुकसान उठाना पड़ सकता है। बिजली की आपूर्ति न होने की स्थिति में यदि रोशनी के लिए तेल के दीपक या मोमबती आदि का प्रयोग किया जा रहा हो तो सोने से पहले उसे अच्छी तरह से बुझा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी घर से बाहर जाए तो विद्युत उपकरणों को बंद कर देना चाहिए ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।