सर्दियों में पीलिया का बढ़ता खतरा, सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव

हिम न्यूज़, करसोग:राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग आमजन को विभिन्न बीमारियों से बचाव के प्रति निरंतर जागरूक करने के लिए प्रयासरत है। खंड चिकित्सा अधिकारी करसोग डाॅ. गोपाल चैहान ने सर्दियों के मौसम में पीलिया (हेपेटाइटिस ए व ई) होने की अधिक संभावना रहती है। जिससे बचाव अति आवश्यक है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को पीलिया से बचाव के संबंध में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

उन्होंने बताया कि ठंड और बर्फबारी के दौरान पानी की पाइपें जम जाने या टूटने के कारण लोग चश्मों, नालों या बावड़ियों आदि का पानी पीने में उपयोग करते है। ऐसे जल स्रोतों में पानी के दूषित होने का खतरा रहता है जिसके सेवन से पीलिया फैलने की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि समय पर उपचार न होने पर यह बीमारी गंभीर जानलेवा भी हो सकती है।

उन्होंने बताया कि पीलिया से बचाव के लिए पीने के पानी को कम से कम 10 मिनट तक उबालकर और छानकर ही प्रयोग करें। व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें, भोजन से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं तथा बाहर का खाना, खुला पानी, कटे हुए फल और अधिक तैलीय व मसालेदार भोजन से परहेज करें। शराब का सेवन लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचाता है, जिससे पीलिया का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं का सेवन न करें।

डाॅ. चैहान ने बताया कि पीलिया से ग्रसित मरीजों को पोषक तत्वों से भरपूर, कम वसा वाला और आसानी से पचने वाला आहार लेना चाहिए। ताजे फल व सब्जियों का अधिक सेवन लाभकारी है। यदि किसी व्यक्ति को बिना कारण थकान, कमजोरी, भूख न लगना या आंखों में पीलापन दिखाई दे, तो शीघ्र अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच अवश्य करवाएं।

उन्होंने आमजन से अपील की है कि अपने आसपास के जल स्रोतों को स्वच्छ रखें तथा पानी की गुणवत्ता की जांच स्वास्थ्य, जल शक्ति विभाग से समय समय पर अवश्य करवाएं।