हिमाचल में भारी वर्षा, पांच जिलों में बाढ़ की चेतावनी

हिम न्यूज़ शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता से मूसलाधार वर्षा हो रही है। राजधानी शिमला समेत राज्य के ज्यादातर हिस्सों में शनिवार को दिन भर वर्षा का दौर लगातार जारी जारी है । बारिश से जगह-जगह भूस्खलन की घटनाओं से कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं।

इससे पर्यटकों के आगमन में भारी गिरावट आने से पर्यटन सीजन प्रभावित हुआ है। इस वीक एंड पर पर्यटन स्थलों शिमला और मनाली में होटलों में ऑक्यूपेंसी 80 फीसदी से गिरकर 30 फीसदी रह गई है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घण्टों के दौरान मैदानी एवं मध्यपर्वतीय क्षेत्रों में व्यापक वर्षा की आशंका जताई है। राज्य के कुल 12 में से सात जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इनमें ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चम्बा, कांगड़ा, कूल्लु और मंडी जिले शामिल हैं।

राजधानी शिमला में भी भारी वर्षा होने की संभावना है। शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी वर्षा का ओरेंज अलर्ट और लाहौल-स्पीति जिला में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने पांच जिलों चम्बा, कांगड़ा, कूल्लु, लाहौल-स्पीति और सिरमौर जिलों में बाढ़ की भी चेतावनी दी है। इसे देखते हुए शासन ने पर्यटकों व स्थानीय लोगों को संवेदनशील स्थलों और नदियों के करीब न जाने की सलाह दी है। मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि 12 जुलाई तक राज्य में मौसम खराब रहेगा।

उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि मौसम विज्ञान केन्द्र, शिमला द्वारा आने वाले 48 घंटों में जिला ऊना के कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा व अचानक बाढ़ का पूर्वानुमान है। उन्होंने जिलावासियों से आहवान किया है कि स्वां नदी एवं अन्य खड्डों, नालों के समीप जाने या उनको पार करने से परहेज करें ताकि सुरक्षित रह सकें।

उन्होंने जिले के किसी भी क्षेत्र में नदी, नालों और खड्डों के आस-पास अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ जिससे कि वे बरसात के दौरान होने वाले किसी संभावित खतरे से सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि चेतावनी जारी होने के बाद भी कुछ लोग नदी नालों और खड्डों के समीप चले जाते हैं, जिससे वह स्वयं की जान जोखिम में डाल देते हैं।

उपायुक्त राघव शर्मा ने सभी ग्राम पंचायत प्रधानों, गैर सरकारी सगठनों, एवं नागरिकों से अपील की है कि वे इस सन्देश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि सूचना को मद्देनजर रखते हुए अगले 48 घंटे तक सतर्क रहें।