हिम न्यूज़, शिमला : राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज पंजाब के लुधियाना स्थित स्वामी विवेकानंद मेडिटेशन पिरामिड का दौरा किया और शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति तथा आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देने में योग और ध्यान की परिवर्तनकारी भूमिका पर बल दिया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि आज की तेज-रफ्तार और तनावपूर्ण जीवनशैली में योग और ध्यान न केवल अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि संतुलित, सकारात्मक और सार्थक जीवन जीने के लिए भी अत्यंत प्रभावी साधन हैं।
उन्होंने कहा कि योग शरीर को स्वस्थ, ऊर्जावान और रोगमुक्त रखने में सहायता करता है, जबकि ध्यान मन को शांत, एकाग्र और तनावमुक्त बनाए रखता है। दोनों मिलकर आंतरिक संतुलन और समग्र कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि भारत ऋषियों, योगियों और आध्यात्मिक परंपराओं की पावन भूमि रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भारत की प्राचीन योग और ध्यान परंपरा को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस के रूप में मान्यता दिया जाना भारत की शाश्वत ज्ञान-परंपरा को विश्व समुदाय के समक्ष स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि यह पहल भारत को एक वैश्विक आध्यात्मिक नेतृत्वकर्ता के रूप में पुनः स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले वर्षों में भारत योग, ध्यान और समग्र कल्याण के क्षेत्र में विश्व का मार्गदर्शन करने की क्षमता रखता है।
स्वामी विवेकानंद ट्रस्ट द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक कल्याण कार्यों की सराहना करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि ट्रस्ट विभिन्न मानवीय परियोजनाओं के माध्यम से समाज की सराहनीय सेवा कर रहा है। उन्होंने वृद्धाश्रम, स्वामी विवेकानंद मेडिटेशन पिरामिड, अस्पताल, फिजियोथेरेपी केंद्र, स्वर्ग आश्रम, निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान, हेयर एवं ब्यूटी प्रशिक्षण संस्थान, वस्त्र बैंक, व्हीलचेयर बैंक, वॉकर बैंक, अस्पताल बेड बैंक, ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर बैंक तथा पुस्तक बैंक जैसी सेवाओं का विशेष उल्लेख किया।