Breaking
3 लाख से कम आय है तो ले सकते हैं मुफ्त कानूनी मदद         शास्त्री एवं भाषा अध्यापकों की भर्ती के लिए काउंसलिंग 26 व 27 फरवरी को         सिरमौर जिला में 28 और 29 फ़रवरी को  लगेंगी राजस्व लोक अदालतें-सुमित खिमटा         दैनिक आहार में मोटे अनाज को अवश्य शामिल करें         पंचायती राज संस्थाओं में रिक्त पदों के लिये उप-चुनाव 25 फरवरी को         चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी नोडल अधिकारियों की भूमिका अग्रणी और महत्वपूर्ण - अनुपम कश्यप         तीन दिवसीय राज्य स्तरीय छेश्चू मेला संपन्न         तंबोला की 13 लाख में हुई नीलामी         राजभवन में अरूणाचल प्रदेश और मिज़ोरम का स्थापना दिवस आयोजित         बिना बजट के योजनाएं घोषित करने वाले हवा-हवाई सीएम बने सुक्खू : जयराम ठाकुर         मुख्यमंत्री ने सेना के जवान के निधन पर शोक व्यक्त किया         मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के 15 टिप्परों को रवाना किया         हमने शिमला संसदीय क्षेत्र में पिछले 5 साल में 15000 करोड़ रुपए से अधिक के काम करवाए : कश्यप         2004 से 2014 तक कांग्रेस के 10 साल भ्रष्टाचार : बिंदल         जोगिन्दर नगर के रैंस भलारा की महिलाएं तैयार कर रही हैं विभिन्न तरह का आचार         जिला स्तरीय लोकगीत प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण 26 तक         कांगड़ा और चंबा के युवाओं ने लिया राष्ट्रीय युवा संसद में भाग         प्रतिभा सिंह ने नाचन विधानसभा क्षेत्र में किए विभिन्न विकासात्मक कार्यों के शिलान्यास         आईपीएस अधिकारी राकेश सिंह ने संभाला एसपी ऊना का पदभार         कुपोषण की रोकथाम के लिए मिशन मोड में कार्य किया जाएगा - जतिन लाल

राज्यपाल ने नशा निरोधक कानून प्रवर्तन विभागों के अधिकारियों को सम्बोधित किया

राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि राज्य में नशा निरोधक कानून के अन्तर्गत एक निश्चित प्रक्रिया के अन्तर्गत कार्य हो रहा है और हमें इन मामलों को भावनात्मक ढंग से भी सुलझाने के लिए सक्रिय प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि भावनात्मक प्रेरक कार्यक्रम के माध्यम से समाज में चेतना लानी होगी तभी इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ सकेंगे।

आर्लेकर आज हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान फेयर लॉन के सभागार में हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड द्वारा संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स एंड क्राइम (यूएनओडीसी) के दक्षिण एशिया कार्यालय के सहयोग से प्रदेश के नशा निरोधक कानून प्रवर्तन विभागों के अन्वेषण तथा पर्यवेक्षी अधिकारियों के लिए आयोजित पांच दिवसीय क्षमता वृद्धि प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित कर रहे थे।

नशे की बुराइयों के बारे में खुलकर चर्चा करनी होगी

उन्होंने कहा कि हमें नशे की बुराइयों के बारे में खुलकर चर्चा करनी होगी ताकि भविष्य के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें। इसके लिए हमें यह विषय बच्चों के साथ भी साझा करना होगा ताकि वे भविष्य में इसके दुष्प्रभावों के बारे में सजग हो सकें। राज्यपाल ने कहा कि वर्षों से नशे की बुराइयों पर लम्बी व सारगर्भित चर्चाएं हुई हैं लेकिन अब इन चर्चाओं से आगे बढ़ते हुए इस समस्या के समाधान और उसके प्रति हमारा दृष्टिकोण ज्यादा महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल ने कहा कि नशा एक बहुत ही संवेदनशील विषय है और इस दिशा में सरकार द्वारा बनाए गए कानून और नीति को लागू करने के अलावा भावनात्मक रूप से भी इसका समाधान किया जाना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अपने घर से ही इसकी पहल करें और माता-पिता बच्चों के लिए अच्छी किताबों का चयन और उनमें पढ़ने की आदत डालें। उन्होंने कहा कि हमें बच्चों के साथ समय बिता कर संवाद स्थापित कर उन्हें परिवार से जोड़ने का प्रयास करना चाहिए। उनमें नैतिक मूल्यों का संचार कर माता-पिता इसके लिए पहल करें, तभी इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।

इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स एंड क्राइम (यूएनओडीसी) के दक्षिण एशिया कार्यालय के सलाहकार जयंत मिश्रा ने पांच दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा और यूएनओडीसी की भागीदारी के बारे में विस्तार से बताया। इससे पूर्व, राज्य कर एवं आबकारी विभाग एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुभासीष पंडा ने राज्यपाल का स्वागत किया।

संयोजक एवं सलाहकार, हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड ओम प्रकाश शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के सदस्य सचिव यूनुस ने कार्यक्रम के आयोजन की आवश्यकता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। अतिरिक्त निदेशक, हिपा ज्योति राणा, यूएनओडीसी के विशेषज्ञ और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।