हिम न्यूज़ चम्बा। खेती के कार्यों को आसान बनाने और मजदूरों पर निर्भरता कम करने के लिए इन कार्यों का मशीनीकरण करना बहुत आवश्यक है। मशीनीकरण से खेती के कार्य करना आसान हो जाता और लागत भी कम आती है। यह जानकारी देते हुए डॉ कुलदीप धीमान, उप कृषि निदेशक, जिला चंबा ने बताया कि “नमो ड्रोन दीदी योजना” के अंतर्गत इच्छुक महिलाओं के “स्वयं सहायता समूहों” को 80% अनुदान पर “ड्रोन” उपलब्ध करवाए जायेंगे। ड्रोन खरीदने से पहले इच्छुक स्वयं सहायता समूहों के दो सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जायेगा, जिसमें से एक को ड्रोन दीदी पायलट और दूसरी सदस्य को ड्रोन सहायक का प्रशिक्षण दिया जायगा।

डॉ कुलदीप धीमान ने कहा कि आजकल की युवा पीढ़ी रोजगार की तलाश में शहर की ओर जा रही है और गाँव में खेती के कार्यों के लिए मजदूर मिलना बहुत मुश्किल हो गया है I इसलिए फसलों में कीट या विमारियों के नियंत्रण के लिए स्प्रे करने को मजदूर नहीं मिलते हैं खड़ी फसलें जब बहुत ऊँची हो जाती है तो उस समय फसलों में कीट या विमारियों के नियंत्रण के लिए फसलों के ऊपर स्प्रे करना और भी कठिन होता है I अधिक ऊँचाई के कारण फलदार पोधों पर भी स्प्रे करना कठिन होता है I इन बातों को ध्यान में रखते हुए महिला स्वयं सहायता समूहों को “नमो ड्रोन दीदी योजना” के अंतर्गत “ड्रोन” खरीदने पर अनुदान दिया जायेगा इ
उन्होंने कहा कि “नमो ड्रोन दीदी योजना” के अंतर्गत सरकार द्वारा 80% अनुदान पर ड्रोन उपलव्ध करबाए जायेंगे और 20 % धनराशी “स्वयं सहायता समूह” को वहन करनी होगी I यह 20% धनराशी 1.5 से 2.0 लाख के बीच हो सकती है I जिसके लिए स्वयं सहायता समूह “अग्री इन्फ्रा फण्ड” के अंतर्गत बैंक से लोन प्राप्त कर सकते हैं I बैंक द्वारा यह लोन बहुत सस्ती दर पर उपलव्ध करबाया जाता है और सरकार द्वारा ऐसे लोन के व्याज पर भी 3% अनुदान दिया जाता है I स्वयं सहायता समूह ड्रोन से होने बाली आमदन से इस बैंक लोन को आसानी से भर भर सकते हैं I