हिम न्यूज़ शिमला। जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज यहाँ राष्ट्रीय राजमार्ग परमाणु-शिमला फोरलेन के मल्याणा एवं चम्याणा के मध्य निर्माण स्थल पर किये गए संयुक्त निरीक्षण की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। अनुपम कश्यप ने कहा कि फोरलेन निर्माण से क्षेत्र के लोगों को आ रही समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे ताकि स्थानीय जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने कहा कि मल्याणा के शुराला गांव का एक जल स्रोत डंपिंग साइट में आ रहा है जिसको बचाना अत्यंत आवश्यक है। इस सन्दर्भ में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण प्रबंधन के अधिकारियों ने कहा कि जल स्त्रोत से 25 मीटर तक कोई भी डंपिंग नहीं की जाएगी ताकि जल स्त्रोत को किसी प्रकार की क्षति न हो। उपायुक्त ने कहा कि यदि आने वाले समय में जल स्त्रोत को किसी भी प्रकार की क्षति उत्पन्न होती है तो उस संदर्भ में गांव के लोगों को वैकल्पिक जल स्रोत एवं जल आपूर्ति मुहैया करवाने के लिए विचार विमर्श किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को डंपिंग साइट स्थल पर मौके का मुआइना करने के निर्देश दिए तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
जिला दंडाधिकारी ने कहा कि फोरलेन निर्माण से मल्याणा तथा शनान के दो सम्पर्क मार्ग को भी क्षति पहुँच रही है जिसके लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाना अति आवश्यक है ताकि स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण प्रबंधक इस विषय पर कहा कि यदि सड़क निर्माण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण से सम्बंधित सारी औपचारिकताएं पूरी की जाती है तो उस स्थिति में दोनों सड़कों का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण प्रबंधन द्वारा किया जाएगा।