हिम न्यूज़ शिमला। भाजपा प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कांग्रेस सरकार के “सरकार गांव के द्वार” कार्यक्रम पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने भाजपा सरकार के जनमंच मॉडल की केवल नकल की है, लेकिन उसकी आत्मा, संवेदनशीलता और परिणाम पूरी तरह गायब हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नाम बदलकर जनता को गुमराह करना चाहती है, जबकि जमीनी सच्चाई यह है कि लोगों की समस्याओं का समाधान आज भी शून्य है।

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली पूर्व भाजपा सरकार (2017–2022) के दौरान जनमंच सुशासन का मजबूत स्तंभ रहा। जनमंच केवल मंच नहीं था, बल्कि जनता की समस्याओं के मौके पर समाधान का प्रभावी माध्यम था। इसके विपरीत कांग्रेस का कार्यक्रम सिर्फ भाषण, फोटो और प्रचार तक सीमित है।
उन्होंने आंकड़ों के साथ कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि जनमंच कार्यक्रमों में करीब 45,726 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 43,821 शिकायतों का समाधान किया गया—यानी लगभग 95 प्रतिशत निवारण दर। यह भाजपा सरकार की प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जवाबदेही को दर्शाता है। जनमंच पर लगभग ₹5.34 करोड़ खर्च कर दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों को जिला मुख्यालयों के चक्कर से राहत दी गई।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जनमंच के माध्यम से 34,875 से अधिक प्रमाण पत्र मौके पर ही जारी किए गए और 336 स्वास्थ्य शिविर आयोजित हुए। यह सुशासन का वास्तविक उदाहरण था। इसके उलट कांग्रेस सरकार के कार्यक्रमों से न तो प्रमाण पत्र मिल रहे हैं, न समस्याओं का समाधान, न ही जनता को भरोसा।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस सरकार भाजपा के मॉडल को चुराकर अपनी विफलताओं को छिपाना चाहती है, लेकिन जनता सब समझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी चाहती है कि प्रशासनिक प्रक्रियाएं लंबी रहें ताकि जनता परेशान रहे। भाजपा जनता के साथ खड़ी थी, है और रहेगी, जबकि कांग्रेस की राजनीति केवल दिखावे और छलावे पर टिकी है।