हिम न्यूज़ धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता राकेश शर्मा ने सुक्खू सरकार पर प्रदेश को आर्थिक बदहाली और बर्बादी की कगार पर धकेलने का आरोप लगाया है। सामेवार को धर्मशाला से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हिमाचल को दिवालियापन की ओर धकेल दिया है। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को समय पर मासिक वेतन नहीं मिल रहा है, और आउटसोर्स कर्मचारी महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा की पूर्व भाजपा सरकार द्वारा चलाई जा गई लोकप्रिय हिम केयर व भारत आयुष्मान स्वास्थ्य योजनाओं को बंद या कमजोर कर दिया गया है, जिससे जरूरतमंदों को भारी परेशानी हो रही है। भाजपा प्रवक्ता ने प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और खराब शासन का हवाला देते हुए सरकार पर अपने वादे पूरे करने में विफल रहने का आरोप लगाया हैं। उन्होंने कहा कि आज विकास पूरी तरह ठप है और मंत्री जनसेवा के बजाय केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता के बंटवारे को लेकर आपस में ही भिड़ रहे हैं, जो प्रदेश के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
राकेश शर्मा ने कहा की आज केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार की जन-हितैषी नीतियों के कारण ही तीसरी बार सत्ता में लौटकर जनता के दिलों पर राज कर रही है, जबकि इसके विपरीत हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने झूठी गारंटियों के सहारे सत्ता तो हथिया ली, लेकिन आज वही जनता स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू पर उनके ही नेता अपने पदों से त्यागतंत्र देकर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में जनता को भारी मुसीबतें दी। हिमाचल जैसे शांत प्रदेश में हत्या, लूट और संगठित अपराधों में वृद्धि हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि खनन माफिया और वन माफिया खुलेआम काम कर रहे हैं, जिससे राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। सुक्खू सरकार अंधाधुंध कर्ज लेकर फिजूलखर्ची कर रही है। कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और सामाजिक कल्याण योजनाओं के भुगतान में भारी देरी हो रही है, जिससे जनता परेशान है। चुनावों के दौरान की गई कांग्रेस की गारंटियां पूरी नहीं हुई हैं और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है।
राकेश शर्मा ने कहा कि आज प्रदेश का कोई जिला ऐसा नहीं है, जहां सरकार के खिलाफ लगातार धरने प्रदर्शन न हो रहें हों। जगह-जगह सभी वर्गों के धरने प्रदर्शन हो रहे हैं। सरकार ने सभी गारंटियों को ठंडे बस्ते में डाल दिया है, लेकिन जो गारंटियां नहीं दी थी, वो संस्थान बंद करके और जनविरोधी निर्णय लेकर दिखा दिया। सरकार कर्मचारियां और पेंशनर्स के देय भुगतान पर रोक लगा कर बैठ गई है।
उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार केवल और केवल भाजपा के ऊपर दोषारोपण करने में समय बिता रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले सालों में हिमाचल को पूर्व की तुलना में कई गुना अधिक सहायता दी है, टैक्स डिवोल्यूशन बढ़ा है और सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के अधिकांश बड़े प्रोजेक्ट केंद्र प्रायोजित योजनाओं से चल रहे हैं। सुक्खू बताए कि उनकी सरकार ने अपने संसाधनों से 4 सालों में कितने बड़े विकास कार्य शुरू किए।