हिम न्यूज़ शिमला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने पंचायती राज चुनावों को लेकर माननीय हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिया गया फैसला हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के हित में, लोकतंत्र की मजबूती के लिए और संविधान की पूर्ण भावना के अनुरूप है, जिसका प्रदेश की जनता ने दूर-दूर तक अभिनंदन किया है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि इसके विपरीत माननीय मुख्यमंत्री द्वारा उच्च न्यायालय के फैसले पर की गई टिप्पणी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, आपत्तिजनक और न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है। जिस प्रकार की भाषा और शब्दों का प्रयोग किया गया है, वह माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना के समान है। यह न केवल संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान के खिलाफ है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सीधा आघात है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह तथ्य किसी से छिपा नहीं है कि हिमाचल प्रदेश राज्य चुनाव आयोग ने दिसंबर–जनवरी के महीनों में पंचायत चुनाव कराने के लिए संपूर्ण तैयारियां पूरी कर ली थीं। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र और पंचायती राज व्यवस्था के खिलाफ जाकर चुनावों को टालने का हरसंभव प्रयास किया। जब यह मामला माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष गया, तो न्यायालय ने जनता, लोकतंत्र और संविधान के पक्ष में स्पष्ट और मजबूत फैसला दिया।
डॉ. बिंदल ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के फैसले पर इस प्रकार की अवांछनीय टिप्पणियां करना प्रदेश के हित में नहीं है। यह न्यायपालिका के कार्य में हस्तक्षेप का प्रयास है, जिसे भाजपा कदापि स्वीकार नहीं करती। कांग्रेस सरकार को चाहिए कि वह न्यायालय के आदेशों का सम्मान करे, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में बाधा डालने की राजनीति छोड़े और पंचायती राज चुनावों को समयबद्ध एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न कराए। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र, संविधान और ग्रामीण हिमाचल की आवाज के साथ खड़ी है और किसी भी कीमत पर कांग्रेस सरकार को पंचायती राज व्यवस्था को कमजोर नहीं करने देगी।