सुक्खू सरकार का तुगलकी फरमान दूध उत्पादक किसानों की कमर तोड़ने वाला, भाजपा चुप नहीं बैठेगी : लोकेन्द्र कुमार

हिम न्यूज़, :आनी नेता लोकेंद्र कुमार ने प्रदेश सरकार द्वारा मंगलवार को बीएमसी से दूध खरीद बंद करने के फैसले को किसान विरोधी, महिला विरोधी और तुगलकी टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री और कांग्रेस सरकार बड़े पैमाने पर दावा कर रही है कि किसानों और महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूह की आय जारी है, जबकि दूसरी ओर स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दूध उत्पादक किसानों को दो-दो महीने तक भुगतान नहीं मिल रहा है और अब सरकार दूध खरीद ही बंद करने की तैयारी में है।

 

लोकेन्द्र कुमार ने कहा कि प्रदेश के उद्योगों और ग्रामीण परिवारों के आय में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले दूध उत्पादक किसानों के साथ इस प्रकार का अन्याय किया जा रहा है। सरकार अपनी पनडुब्बी विफलताओं और कुप्रबंधन को डेज़मिनेशन के लिए किसानों पर लोड डाल रही है। अगर दूध का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है तो यह किसानों की मेहनत का सवाल है, लेकिन सरकार ने इस बढ़ते उत्पादन को रोकने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई है।

 

उन्होंने कहा कि दत्तनगर मिल्क प्लांट की क्षमता पूर्व भाजपा सरकार के समय 25 हजार लीटर से बढ़कर 50 हजार लीटर हो गई थी। इसके बावजूद वर्तमान सरकार ने संयंत्र के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए कोई प्रभावशाली कदम नहीं उठाया। विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में स्वयं सरकार ने स्वीकार किया था कि क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग एक लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। जब सरकार को यह जानकारी दी गई थी तो अतिरिक्त दूध के प्रबंधन और कंपनी की व्यवस्था को अंतिम रूप क्यों नहीं दिया गया?

 

लोकेंद्र कुमार ने कहा कि अब उनकी नाकामी किसानों के लिए सरकार किसानों को ही परेशान कर रही है। मंगलवार को दूध खरीद बंद करने का फैसला हजारों किसानों की मेहनत पर सीधा असर है। जो दूध प्रतिदिन जोड़ता है, उसका नुकसान कौन भरेगा? जिन परिवार के सदस्यों की आय दूध बिक्री पर प्रतिबंध है, उनकी आर्थिक क्षति की ज़िम्मेदारी कौन है? मुख्यमंत्री और सरकार को प्रदेश के किसानों के इन सवालों का जवाब देना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार लगातार ऐसे जजमेंट ले रही है जो गरीब, किसान, महिला और युवा विरोधी हैं। कभी संस्थान बंद हो जाते हैं, कभी विकास कार्य रोके जाते हैं और अब किसानों पर हमला किया जा रहा है। इस सरकार ने केवल घोषणा की है और प्रचार में लगी हुई है।

 

आनी लीडर ने मिल्कफेड के अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगते हुए कहा कि अगर दूध का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है तो दत्तनगर मिल्क प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए आज तक क्या कदम उठाया गया है? अंतिम किसानों को सलाह देने के बजाय उन्हें परेशान करने की नीति क्यों अपनाई जा रही है?

 

लोकेन्द्र कुमार ने प्रदेश के सभी दूध उत्पादक किसानों का चित्रण करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनके साथ मिलकर काम कर रही है। किसानों के अधिकार और उनके हितों की रक्षा के लिए भाजपा सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने सभी किसान साथियों, सामाजिक विद्वानों और वैज्ञानिकों से भी इस अन्याय पूर्ण निर्णय के खिलाफ एकजुट होने की पेशकश की।

 

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने तुरंत इस तुगलकी आदेश को वापस नहीं लिया और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो भाजपा प्रदेश सहभागी आंदोलन शुरू कर देगा, इसकी पूरी जिम्मेदारी कांग्रेस सरकार की होगी।