हिम न्यूज़, शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां सभी प्रशासनिक सचिवों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए छोटे सेब उत्पादकों के लंबित बिलों के भुगतान के लिए मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत 20 करोड़ रुपये जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की और इन योजनाओं का लाभ सभी पात्र वर्गों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस वर्ष 15 अप्रैल को की गई घोषणा के अनुसार सभी विभागों के चतुर्थ श्रेणी पेंशनरों के बकाया एरियर का भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त तथा सेवा में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का भी शीघ्र निपटान किया जाए। उन्होंने सभी देनदारियों का निपटारा चार दिनों के भीतर करने और इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों के आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में उनकी जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है और मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर 31 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। उन्होंने कहा कि चिट्टे से जुड़े मामलों में कुल 122 सरकारी अधिकारी व कर्मचारी संलिप्त पाए गए हैं। उन्होंने सभी प्रशासनिक सचिवों को इन कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, ओंकार शर्मा व आर.डी. नजीम और अन्य प्रशासनिक सचिव भी उपस्थित थेे।