हिम न्यूज़ शिमला। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने चम्बा और अन्य ज़िलों में भारी बारिश के कारण भू-स्खलन और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अवगत करवाया गया कि चम्बा से सलूणी और वहां से आगे कोटी पुल तक सड़क बहाल कर दी गई है। सलूणी उप-मंडल के अंतर्गत कोटी पुल से संघणी गांव तक सड़क मार्ग छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। शनिवार तक भारी वाहनों के लिए भी इस सड़क को बहाल कर दिया जाएगा। संघणी से जम्मू-कश्मीर की सीमा से लगते घुंडीमणाल तक सड़क बहाली कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
मुख्य सचिव ने बताया कि इस समय लगभग 1500 लोग चम्बा चौगान में रुके हुए हैं और ज़िला प्रशासन द्वारा उनके लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोग भी मदद के लिए सामने आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि चम्बा प्रशासन द्वारा नूरपुर, कांगड़ा और पठानकोट डिपो से बसें और टैक्सियां भेजने की व्यवस्था की गई हैं ताकि चम्बा की ओर पैदल यात्रा कर रहे लगभग पांच हजार लोगों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके। उन्हें रास्ते में हर संभव सहायता भी सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि भरमौर से 25 लोगों को वापस चम्बा लाने के लिए हेलिकॉप्टर द्वारा पांच उड़ाने भरी गई। पर्याप्त खाद्य सामग्री, अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग के यांत्रिकी विंग को हवाई मार्ग से भरमौर भेजा गया है। निदेशक एवं विशेष सचिव आपदा प्रबन्धन डीसी राणा ने बताया कि चुवाड़ी, चम्बा, सलूणी, तीसा और डलहौजी में संचार सेवाएं बहाल करने के प्रयास जारी हैं। ज़िला लाहौल-स्पीति के जिस्पा, दारचा और म्यार में संचार सेवाएं बहाल करने के लिए ईंधन भेज दिया गया है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, सचिव लोक निर्माण डॉ. अभिषेक जैन, विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग हरबंस सिंह ब्रसकोन, सचिव सामान्य प्रशासन प्रवीण टाक भी बैठक में उपस्थित थे।