हिम न्यूज़ धर्मशाला। विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय विज़न को साकार करने की दिशा में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु आयोजित यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के अंतर्गत तीसरे चरण की राज्य स्तरीय PPT प्रतियोगिता का आयोजन हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला में किया गया । इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 240 शिक्षार्थियों ने सहभागिता की ।

प्रतियोगिता में प्रतिभागी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य सत प्रकाश बंसल ने अत्यंत विस्तृत, विचारोत्तेजक और मार्गदर्शक संबोधन प्रदान किया। अपने संबोधन में कुलपति आचार्य सत प्रकाश बंसल ने कहा कि यंग लीडर्स डायलॉग केवल एक प्रतियोगिता नहीं अपितु युवा नेतृत्व के निर्माण की प्रयोगशाला है जहाँ विचार- दृष्टि और नवाचार का समन्वय होता है। उन्होंने प्रतियोगिता के 10 प्रमुख ट्रैकों को क्रमबद्ध एवं व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समझाते हुए युवाओं को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के प्रति सजग किया।
कुलपति ने विशेष रूप से ब्रेन और माइंड के संतुलन पर बल देते हुए कहा कि आज का युवा यदि केवल तकनीकी दक्षता तक सीमित रहेगा तो विकास अधूरा रह जाएगा । इसके लिए संवेदनशील मन, नैतिक विवेक और सामाजिक चेतना का होना उतना ही आवश्यक है । उन्होंने बताया कि उद्यमिता और स्टार्ट-अप संस्कृति केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम नहीं रोजगार सृजन, स्थानीय नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है ।
कुलपति ने कहा कि नवाचार एवं शोध को विकसित भारत की रीढ़ बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों और युवाओं की भूमिका केवल ज्ञान उपार्जन तक सीमित न होकर समस्या-आधारित शोध और समाधान-केंद्रित सोच तक विस्तृत होनी चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह तकनीक भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रही है, किंतु इसके उपयोग में मानवीय मूल्य, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व सर्वोपरि होने चाहिए।
कुलपति आचार्य सत प्रकाश बंसल ने पर्यावरण संरक्षण को युवाओं का नैतिक कर्तव्य बताते हुए कहा कि विकास तभी सार्थक है जब वह सतत, संतुलित और प्रकृति के अनुकूल हो। इसी क्रम में उन्होंने फिट इंडिया–हिट इंडिया को केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित न मानते हुए इसे मानसिक सुदृढ़ता, अनुशासन और सकारात्मक जीवन दृष्टि से जोड़ा। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे PPT प्रस्तुति को केवल अंक या चयन का माध्यम न मानें बल्कि उसे अपने विचारों के घोषणापत्र (Vision Document) के रूप में प्रस्तुत करें। “विकसित भारत 2047 एक दीर्घकालिक यात्रा है और इस यात्रा के पथप्रदर्शक आज के युवा हैं,”-यह कहते हुए उन्होंने प्रतिभागियों में आत्मविश्वास, राष्ट्रीय चेतना और नेतृत्व भाव का संचार किया।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष भी हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला को यंग लीडर्स डायलॉग -2026 के राज्य समन्वयक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित विद्यार्थी 12 जनवरी को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में भाग लेकर देशभर के युवाओं के बीच अपनी प्रतिभा, नवाचार और विचारशील दृष्टि का परिचय देंगे, जिससे प्रदेश और विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मंच पर गौरव प्राप्त होगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, वित्त अधिकारी, विभिन्न विभागों के शिक्षकगण, आयोजन समिति के सदस्य तथा समन्वयक उपस्थित रहे । सभी ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों, विषय चयन और वैचारिक परिपक्वता की सराहना करते हुए इस आयोजन को युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सशक्त पहल बताया।
कार्यक्रम के समापन पर कुलपति आचार्य सत प्रकाश बंसल ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “आज हिमाचल के युवा जिस आत्मविश्वास और नवाचार के साथ आगे बढ़ रहे हैं, वही आने वाले समय में भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगा। यंग लीडर्स डायलॉग–2026 इस परिवर्तन की सशक्त भूमिका बनेगा।”