हिम न्यूज़,ऊना:,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने आज एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान कांग्रेस की प्रदेश सरकार पूरी तरह एंटी-पीपल गवर्नमेंट बन चुकी है। सरकार द्वारा एक के बाद एक लिए जा रहे सभी निर्णय जनता के हितों के विरुद्ध हैं। साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल में कांग्रेस सरकार ने लगातार आम जनता पर महंगाई का बोझ डाला है और जन-जीवन को कठिन बना दिया है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि इस सरकार ने रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ाई, डीजल पर वैट बढ़ाकर आम आदमी की जेब पर सीधा वार किया। एचआरटीसी बस किरायों में कई गुना वृद्धि कर दी गई और यात्रियों को मिलने वाली छूट पूरी तरह समाप्त कर दी गई। डिपुओं में मिलने वाला राशन लगभग बंद-सा कर दिया गया और जो उपलब्ध है, उसे भी महंगा कर दिया गया। इसी तरह बिजली दरों में भारी-भरकम बढ़ोतरी कर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला गया। ये सभी फैसले कांग्रेस सरकार के जन-विरोधी चरित्र को उजागर करते हैं।
उन्होंने कहा कि अब सरकार ने बीपीएल श्रेणी पर सीधा हमला किया है। नई नोटिफिकेशन जारी कर पंचायतों को विश्वास में लिए बिना, जनरल हाउस की बैठकें किए बिना, बीपीएल सूची में भारी कटौती की गई। भाजपा द्वारा जब इस अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की गई तो मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बीपीएल समाप्त नहीं किया गया है और चयन प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी। लेकिन हकीकत यह है कि हाल ही में हुई ग्राम सभाओं में जो नियम लागू किए गए, उनके चलते करीब 90% लोग बीपीएल श्रेणी से बाहर हो गए।
डॉ. बिंदल ने नियमों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी परिवार में 27 वर्ष या उससे अधिक आयु का पुरुष सदस्य है तो वह परिवार बीपीएल में नहीं रह सकता—यह सीधे-सीधे गरीब पर कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि यह ‘गरीबी हटाओ’ नहीं, बल्कि ‘गरीब हटाओ अभियान’ है—सूची से गरीब हटाओ, तो आंकड़ों में गरीबी अपने-आप हट जाएगी। यह पूरी तरह जन-विरोधी सोच और नीति का परिणाम है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में सरकारी भवन खाली पड़े हैं, जबकि निजी मकानों में गरीबों का शोषण हो रहा है। सर्वाधिक प्रभावित अनुसूचित वर्ग के लोग हैं, जिनके साथ अन्याय किया जा रहा है—जिसकी भाजपा कड़ी निंदा करती है।
उन्होंने प्रदेश सरकार के भीतर चल रहे आंतरिक कलह पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच खुले मंचों पर आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं, जो नीचे तक विभाजन पैदा कर रहे हैं। मंत्री एक-दूसरे पर और फिर प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप लगाते हैं। नतीजा यह है कि विकास ठप है, संस्थाएं बंद पड़ी हैं, सड़कों पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क—यह समझना मुश्किल है। आपदा-प्रभावित लोग लगातार और प्रभावित हो रहे हैं, जबकि सरकार आपसी लड़ाई में उलझी है।
डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि यह सरकार जनता के लिए आपदा बन चुकी है और मौजूदा हालात में यह अपने ही बोझ से गिरती हुई दिखाई देती है।