हिम न्यूज़,शिमला।भारतीय जनता पार्टी के सांसद श्री सुरेश कुमार कश्यप ने लोकसभा में नियम 377 के तहत हिमाचल प्रदेश के पिंजौर–बद्दी–नालागढ़ सड़क मार्ग की अत्यंत दयनीय स्थिति का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग हिमाचल प्रदेश के बद्दी–बरोटीवाला–नालागढ़ (BBN) औद्योगिक क्षेत्र को हरियाणा और चंडीगढ़ से जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जो प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ के रूप में कार्य करता है।
सांसद सुरेश कश्यप ने सदन में बताया कि BBN क्षेत्र एशिया के प्रमुख औद्योगिक हब में से एक है, जहाँ 2000 से अधिक उद्योग संचालित हैं और प्रतिदिन लगभग 30,000 से अधिक वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। इसके बावजूद इस सड़क की वर्तमान स्थिति अत्यंत खराब है, जिससे आम जनता, उद्योगों और कर्मचारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि इस सड़क के चार-लेन निर्माण कार्य की शुरुआत अप्रैल 2022 में की गई थी, जिसे सितंबर 2024 तक पूरा किया जाना था। इसके लिए प्रारंभिक रूप से लगभग 556 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था, जो अब बढ़कर 650–670 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इसके बावजूद वर्ष 2026 तक भी यह परियोजना अधूरी पड़ी है, जो राज्य सरकार की गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है।
सांसद कश्यप ने यह भी बताया कि जानकारी के अनुसार लगभग 40–45 प्रतिशत कार्य होने के बाद ठेकेदार द्वारा काम छोड़ दिया गया, और अब तक 10 से अधिक बार टेंडर प्रक्रिया रद्द या स्थगित हो चुकी है। परिणामस्वरूप निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। वर्तमान में सड़क की हालत अत्यंत खराब है—जगह-जगह गड्ढे, अधूरी लेन, जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम आम बात हो गई है।
उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण न केवल आम नागरिकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उद्योगों को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है और आपातकालीन सेवाएँ भी प्रभावित हो रही हैं।
सांसद सुरेश कश्यप ने सरकार से आग्रह किया कि इस अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि क्षेत्र की जनता और उद्योगों को राहत मिल सके।
उन्होंने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है और इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।