बद्दी–बरोटीवाला–नालागढ़ फोरलेन परियोजना में देरी से उद्योग और आम जनता परेशान — सुरेश कश्यप

हिम न्यूज़ शिमला। भाजपा सांसद सुरेश कुमार कश्यप ने लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत सूचना के माध्यम से बद्दी–बरोटीवाला–नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण फोरलेन सड़क परियोजना का मुद्दा उठाते हुए इसे जनहित और औद्योगिक गतिविधियों से सीधे जुड़ा विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक ढांचे की जीवनरेखा है और यहां की सड़क अवसंरचना में देरी का सीधा असर उद्योग, रोजगार और आम जनता पर पड़ रहा है।

सांसद कश्यप ने बताया कि पिंजौर–बद्दी–नालागढ़ फोरलेन सड़क परियोजना को अप्रैल 2022 में शुरू किया गया था और इसे सितंबर 2024 तक पूरा किया जाना निर्धारित था। परियोजना की प्रारंभिक स्वीकृत लागत ₹556 करोड़ थी, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹670 करोड़ किया गया, जबकि अब तक लगभग ₹774.78 करोड़ की राशि खर्च हो चुकी है। इसके बावजूद परियोजना अभी तक पूर्ण नहीं हो पाई है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस मार्ग पर कई स्थानों पर अधूरे हिस्से, गड्ढे, असमान सड़क सतह, सर्विस लेन का अभाव और अव्यवस्थित यातायात की स्थिति बनी हुई है, जिससे प्रतिदिन भारी जाम लग रहा है। हजारों श्रमिक समय पर अपने कार्यस्थल नहीं पहुंच पा रहे, मरीजों और एंबुलेंस को रास्ते में रुकना पड़ रहा है तथा स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ रही है। इससे आम नागरिकों को मानसिक तनाव, समय की बर्बादी और आर्थिक नुकसान हो रहा है।

कश्यप ने कहा कि भारी वर्षा, बाढ़ और भूस्खलन से पूर्व में सड़क को नुकसान पहुंचा, लेकिन उसके बाद भी निर्माण कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ा। उन्होंने ठेकेदार की लापरवाही, लागत स्वीकृतियों में देरी और प्रशासनिक शिथिलता को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।

सांसद सुरेश कश्यप ने केंद्र सरकार से मांग की कि परियोजना की वर्तमान वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए, शेष लंबित कार्यों का चरणवार विवरण दिया जाए तथा इसे पूर्ण करने की अंतिम समयसीमा स्पष्ट की जाए, ताकि औद्योगिक क्षेत्र और स्थानीय जनता को शीघ्र राहत मिल सके।